मॉनसून में गन्ने का जूस पीने से होते हैं कई सारे साइड इफेक्ट्स, जानिए

मॉनसून आते ही गन्ने का जूस हर तरफ मिलने लगता है. इसे बेचने वालों को राहत मिलती है कि अब उन्हें गर्मी से राहत मिल गई है. क्योंकि गर्मी से राहत पाने और प्यास बुझाने के लिए गन्ने का जूस सबसे शानदार है. लेकिन डॉक्टर अक्सर मॉनसून के समय इसे पीने के लिए मना करते हैं. क्योंकि उनका मानना है कि मॉनसून में गन्ने का जूस हेल्थ के लिए ठीक नहीं होता है. गन्ने का जूस, पौधे से निकाला जाता है. गन्ना एक एक लंबी बारहमासी घास होता है जिसका स्वाद मीठा होता है. जिसमें कार्बोहाइड्रेट, इलेक्ट्रोलाइट्स, विटामिन और भरपूर मात्रा में आयरन होता है. इसमें विटामिन ए, बी और सी के साथ-साथ कई पोषक तत्व होते हैं. साथ ही इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है और इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है.

गन्ना खाना बनाम उसका रस पीना

गन्ने का सिर्फ जूस पीने की तुलना में साबुत गन्ने को डायरेक्ट चबाकर जूस पीना सेहत के लिए ज्यादा अच्छा है. क्योंकि ऐसे में डायरेक्ट अच्छी मात्रा में शरीर को फाइबर मिलता है. जो पाचन तंत्र के लिए काफी अच्छा होता है. इससे ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है और कब्ज होने से रोकता है. हालांकि गन्ने का जूस पीने से कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं. और ब्लोटिंग की समस्या से भी निजात मिलती है.

मानसून में गन्ने का रस पीने के साइड इफेक्ट्स

गन्ने का जूस पेट में कर सकता है इंफेक्शन

मॉनसून में गन्ने का जूस पीने से पेट में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. जूस बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीन में खतरनाक बैक्टीरिया धीरे-धीरे जमा होने लगता है. जिससे दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. जब भी गन्ने का जूस पिएं तो एक बात का जरूर ख्याल रखें कि यह साफ-सुथरा तरीके से बनाया गया हो.

चीनी की मात्रा अधिक होना

गन्ने का जूस चीनी का एक नैचुरल सोर्स होता है. इसे अधिक पीने से ब्लड में शुगर लेवल बढ़ सकता है. डायबिटीद वाले व्यक्ति खासकर ध्यान दें कि उन्हें इसे पीने से बचना चाहिए. अगर पी भी रहे हैं तो एक लीमिट में पिएं और डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

एलर्जी

कुछ व्यक्तियों को गन्ने या उसके रस से एलर्जी हो सकती है.एलर्जी की प्रतिक्रिया हल्के लक्षणों जैसे खुजली और चकत्ते से लेकर सांस लेने में कठिनाई या एनाफिलेक्सिस जैसी अधिक गंभीर प्रतिक्रियाओं तक हो सकती है.

कीटनाशकों का अवशेष

गन्ने की फसल को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए अक्सर कीटनाशकों का उपचार किया जाता है.हालांकि, इन कीटनाशकों के निशान डंठलों पर रह सकते हैं और रस निकालने के दौरान रस में मिल सकते हैं.कीटनाशक अवशेषों के लंबे समय तक सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

पाचन संबंधी समस्याएं

कुछ व्यक्तियों को गन्ने का रस पीने के बाद पाचन संबंधी समस्याएं जैसे सूजन, गैस या दस्त का अनुभव हो सकता है.यह रस में उच्च फाइबर सामग्री या गन्ने में मौजूद कुछ कार्बोहाइड्रेट के प्रति किसी व्यक्ति की विशिष्ट संवेदनशीलता के कारण हो सकता है.

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