रिलायंस ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां कीं। कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक रिलायंस के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 4,19,911 हो गई। इस दौरान कंपनी ने AI, डेटा साइंस, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई प्रतिभाओं को जोड़ने पर खास ध्यान दिया। रिलायंस के मुताबिक यह भर्ती कंपनी के उस बदलाव को दिखाती है, जिसके तहत वह खुद को AI-फर्स्ट और डीप-टेक कंपनी के रूप में आगे बढ़ा रही है।
रोजगार के मोर्चे पर कंपनी की अगली बड़ी उम्मीद ग्रीन एनर्जी कारोबार से है। जामनगर में बन रहा धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अर्थव्यवस्था में 2 लाख से ज्यादा ग्रीन जॉब्स पैदा करने की क्षमता रखता है। कंपनी के मुताबिक स्वच्छ ऊर्जा की ओर यह बदलाव समूह के लिए रोजगार का अगला बड़ा इंजन बन सकता है।
कंपनी सिर्फ नौकरियां देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपने कर्मचारियों पर बड़ा निवेश भी करती है। रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में रिलायंस ने कर्मचारियों पर ₹30,318 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹28,559 करोड़ से 6.2 प्रतिशत अधिक है। इसी दौरान कंपनी को लगातार छठे वर्ष ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ का तमगा भी मिला। रिलायंस को ब्रैंडन हॉल ग्रुप HCM एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2024 और ग्रेट मैनेजर इंस्टीट्यूट की ओर से भारत की शीर्ष लीडरशिप फैक्ट्रीज में भी जगह मिली।
महिला भागीदारी के मोर्चे पर भी रिलायंस ने प्रगति दर्ज की। FY26 में समूह में नेतृत्व पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 14.7 प्रतिशत रही, जबकि कमाई से सीधे जुड़े कामों में यह हिस्सेदारी 30.6 प्रतिशत रही। जियो ने 11 भाषाओं में काम करने वाला AI-आधारित भर्ती प्लेटफॉर्म भी इस्तेमाल किया, जिसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाना है। कंपनी के ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी कार्यक्रम को FY26 में 53,900 रजिस्ट्रेशन मिले, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों के उम्मीदवारों तक पहुंच बढ़ी।
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