विधान मंडल समिति प्रणाली को सशक्त बनाने पर जयपुर में मंथन

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में मंगलवार को लोकसभा की ओर से गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की दूसरी बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की। बैठक में राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मध्यप्रदेश विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, उत्तरप्रदेश विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना, हिमाचल प्रदेश विधानसभाध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, ओडिशा सूरमा पाढ़ी और सिक्किम विधानसभाध्यक्ष मिंगमा नोर्बू शेरपा ने भाग लिया।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सभी अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया। बैठक में विभिन्न विधान मंडलों की समिति प्रणाली की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। चर्चा के दौरान समितियों को अधिक प्रभावशाली बनाने, राज्यों में एकरूपता स्थापित करने, विधायकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और समितियों की सिफारिशों पर राज्य सरकारों द्वारा ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। वासुदेव देवनानी ने कहा कि समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और सदन का लघु स्वरूप होती हैं।

उन्होंने बताया कि इन समितियों को अधिक जवाबदेह और सक्रिय बनाने के लिए सुझावों पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जून माह में लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा। बैठक में यह भी सुझाव सामने आया कि समितियों की रिपोर्ट पर सदन में गंभीर और प्रभावी चर्चा हो, साथ ही संसदीय शोध और जनहित से जुड़े विषयों में उनकी भूमिका को और सुदृढ़ किया जाए। इस अवसर पर विधानसभा परिसर में नक्षत्र वाटिका और हर्बल वाटिका का भी उद्घाटन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौजूद रहे।