क्या हर महीने वक्त से पहले आ जाते हैं पीरियड्स? जानिए इसके पीछे की वजह क्या है

क्या आपका पीरियड्स भी हर महीने वक्त से पहले आ जाता है? कई बार दिमाग में यह सवाल आते होंगे कि आखिर यह पहले क्यों आ जाता है? यह एक ऐसा सवाल है जो हर महिला या लड़की के दिमाग में एक न एक बार आया ही होगा? लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह एक नॉर्मल बात है या यह किसी बड़ी मुसीबत या बीमारी के संकेत हैं. आज हम इन्हीं सवालों की जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे. इस पूरी रिसर्च में हमने कई सारी हेल्थ आर्टिकल एंड रिसर्च को शामिल किया है. उन्हीं में से एक है ऑनली माई हेल्थ में छपी यह खास खबर.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

‘ओनली माई हेल्थ’ में छपी इस खबर के मुताबिक अगर किसी महिला को उनकी डेट या पीरियड्स की तारीख से पहले पीरियड्स आ जाते हैं तो यह नॉर्मल बात है. पीरियड्स साइकल 28 दिनों का होता है. हालांकि अलग-अलग महिलाओं में यह साइकल 21-35 दिनों तक का हो सकता है. किसी महिला को पहले ही दिन ब्लीडिंग ज्यादा हो रही है तो उसे उसी दिन से गिना जाएगा लेकिन अगर किसी महिला को पहला नहीं दूसरे दिन से ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो उसका पीरियड्स साइकल उस दिन से शुरू होगा.

हार्मोनल इनबैलेंस

समय से पहले अगर पीरियड्स आ जाता है तो सबसे आम कारणों में से एक हैं हार्मोनल इनबैलेंस. हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव खासकर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन सबसे बड़ा रोल प्ले करती है पीरियड्स साइकल में. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) या थायरॉयड की दिक्कत भी हार्मोनल इनबैलेंस का कारण बन सकती है. इसके कारण समय से पहले पीरियड्स आ जाता है.

तनाव

क्या आप जानते हैं कि तनाव आपके मासिक धर्म को भी प्रभावित कर सकता है? ऐसा इसलिए है क्योंकि उच्च तनाव का स्तर हाइपोथैलेमस को प्रभावित कर सकता है, जो मस्तिष्क का एक हिस्सा है जो हार्मोन को कंट्रोल करता है. इसकी वजह से आपकी पीरियड्स में गड़बड़ी हो सकती है.

वजन में बदलाव

वजन बढ़ाने या घटाने में हार्मोन का एक बहुत बड़ा रोल होता है. इसके कारण पीरियड्स काफी हद तक प्रभावित होते हैं. कम वजन या अधिक वजन पीरियड्स के हार्मोन्स के बैलेंस को बिगाड़ सकता है. इसलिए शरीर को हेल्दी रखें.

दवाएं

कुछ दवाएं ऐसी हैं जो हार्मोनल गड़बड़ी पैदा कर सकती है. जैसे गर्भनिरोधक गोली. यह पीरियड्स के पैटर्न को काफी ज्यादा प्रभावित करती है.

चिकित्सा दशाएं

इसके अलावा, एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) और गर्भाशय फाइब्रॉएड जैसी स्थितियां असामान्य रक्तस्राव पैटर्न का कारण बन सकती हैं. जिसमें प्रारंभिक अवधि भी शामिल है.

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