1 अप्रैल मतलब हंसने हंसाने का दिन होता है। इस महीने का पहला दिन दुनिया भर में Fools Day के रूप में मनाया जाने वाला दिन है। अप्रैल फूल्स डे में हम अपने करीबियो, दोस्तों और परिवार वालों के साथ तरह- तरह के मजाक करते हैं। वैसे आप आज के दिन किसी को भी फूल बना सकते है और कोई इस बात का बुरा भी नहीं मानेगा।
दुनियाभर में 1 अप्रैल मूर्ख दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का तरीका कुछ अलग होता है। इस दिन हम कुछ हसीं ठिठौली एक दूसरे करतें है। इस दिन हम दूसरों से शरारतें कर उन्हें मूर्ख बनाते है।खास बात ये है की 1अप्रैल का किया हुआ मजाक का कोई भी बुरा नही मानता है। थोड़ी मस्ती करके अगर हम दूसरे के चेहरे पर थोड़ी से मुस्कान ला सकते है तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है।
1अप्रेल मनाने के पीछे कई कहानियां छुपी हुई है। इस अप्रैल फूल डे का प्रचलन उन्नीसवीं शताब्दी से है। वैसे ये तो हम सभी को पता है की इस दिन कोई छुट्टी नही होती है। अंग्रेजी साहित्य के फादर ज्योफ्री चौसर की कैंटरबरी टेल्स ऐसा पहला ग्रंथ है जिसमे आपको 1 अप्रैल और बेवकूफी के बीच का संबंध का जिक्र मिल जायेगा। अप्रैल डे की शुरुआत के बारे में कई कहानियां हैं बताई गई है। 1582 में फ्रांस में जूलियन कैलेंडर को ग्रेगोरियन कैलेंडर से बदला गया था इसकी वजह से, नए साल का दिन 1 जनवरी से बदलकर 1 अप्रैल कर दिया गया था। कुछ लोग 1 अप्रैल को ही नया साल मानने लगे और इन्ही लोगों को अप्रैल फूल कहा गया। 1 अप्रैल का मकसद सिर्फ इतना है की बिना किसी को दुख पहुचाए एक दूसरे और अपने करीबियों के साथ हसीं मजाक, मौज-मस्ती करना और एन्जॉय करना है।
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