भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के जयपुर शाखा के अधिकारियों ने बुधवार को फिर से आयोग भवन में धमक कर आयोग सदस्य मंजू शर्मा से पूछताछ शुरू की है। एसीबी के अधिकारी एक दिन पहले सदस्य संगीता आर्य के निवास पर सर्च कर लौटी थी।
दरअसल, वर्ष 2020 में तत्कालीन मुख्य मंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में एक साथ चार सदस्यों की नियुक्ति की थी। इनमें आयोग की दो सदस्यों संगीता आर्य और मंजू शर्मा पर स्थानीय निकाय के ईओ पद की भर्ती के मामले में गंभीर आरोप हैं। दोनों सदस्यों ने ही आरएएस और एसआई 2021 भर्ती परीक्षा के इंटरव्यू भी लिए थे। यह परीक्षा भी जांच के दायरे में है। मंजू शर्मा जाने-माने कवि कुमार विश्वास की पत्नी और संगीता आर्य राजस्थान के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के सलाहकार रहे निरंजन आर्य की पत्नी हैं।
एसीबी की टीम आज सुबह राजस्थान लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर पहुंची और अपने वाहन बाहर खड़ा करके अधिकारी पैदल ही किसी विजिटर की तरह आरपीएससी के मुख्य दरवाजे से भीतर प्रवेश कर गए। यहां विजिटर बुक में अधिकारियों ने एंट्री भी की। एसीबी की टीम के आयोग कार्यालय में पहुंचते ही वहां कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मच गई।
इससे पहले 12 मार्च को जब एसीबी ने संगीता आर्य से सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास पर पूछताछ की थी तो निरंजन आर्य भी मौजूद थे। यानी आयोग के काम काज में निरंजन आर्य का भी दखल है। आयोग के दो अन्य सदस्यों में से एक बाबूलाल कटारा शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र बेचने के आरोप में जेल में है। गहलोत के शासन में घुमंतू जाति कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रहे गोपाल केसावत की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर दोनों महिला सदस्यों पर लगे आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही पता चलेगी।
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