वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लगभग 50 वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उनके सामने आने वाले नियामकीय मुद्दों पर चर्चा की गई और उन्हें नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया।बैठक में रेजरपे, फोनपे, गूगल पे और अमेजन पे सहित निजी क्षेत्र की वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इसमें भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के अधिकारी भी मौजूद थे।
सरकार की ओर से बैठक में वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव एस कृष्णन के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर उपस्थित थे।यह बैठक ऐसे समय हुई है जब रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे फिनटेक उद्योग में नियमों के अनुपालन का मुद्दा सामने आया है।बैठक में पेटीएम के प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया था।
आरबीआई ने नियमों का अनुपालन नहीं करने के लिए 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) को 29 फरवरी के बाद ग्राहकों से कोई भी नई जमा राशि या ‘टॉप अप’ स्वीकार करने से रोक दिया। बाद में इस समयसीमा को 15 मार्च तक बढ़ा दिया गया।केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह एनपीसीआई को पेटीएम पेमेंट्स बैंक से उपयोगकर्ताओं को चार-पांच अन्य बैंकों में स्थानांतरित करने की संभावना पर गौर करने की सलाह दी। पेटीएम पमेंट्स बैंक के पास 30 करोड़ वॉलेट और तीन करोड़ बैंक ग्राहक हैं।
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