देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत लगाए जा रहे प्रत्येक नल को अब एक खास यूनिक नंबर मिलेगा। इस नंबर को जिस घर में नल लगा है, उसके बाहर दीवार पर अंकित भी किया जाएगा।दरअसल, आमतौर पर जब गांव में किसी ग्रामीण के घर में नल खराब हो जाता है, तो वह विभाग में ऑनलाइन शिकायत करता है। इससे उसका निस्तारण भी हो जायेगा। शिकायत के आधार पर कई बार कर्मचारियों को मकान ढूंढने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे समस्या के समाधान में देरी हो जाती है।
इस परेशानी को देखते हुए जल जीवन मिशन अब अपने प्रत्येक टैप (नल) को एक खास नंबर देगा। हर घर नल से जल योजना में यह नंबर उस मकान की पहचान बन जाएगा। इस नंबर को गूगल मैप पर भी रजिस्टर कर दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक ग्रामीण के मकान को ढूंढना आसान हो जाएगा।गांव में किसी भी मकान का कोई नंबर नहीं होता, ऐसे में जल जीवन मिशन की ओर से दिया गया खास नंबर उस मकान की पहचान पत्राचार के लिए भी बन सकेगा। उत्तर प्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। हर घर नल से जल योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 2.63 करोड़ नलों को गांव में लगाना है। जल जीवन मिशन इस योजना के तहत 2 करोड़ से अधिक के लक्ष्य को प्राप्त कर चुका है। अगले कुछ समय में यह पूरा आंकड़ा भी प्राप्त हो जाएगा।
सभी टैप का यूनिक आईडी, घर की दीवार पर अंकित किया जा रहा है। नल का नंबर गूगल मानचित्र पर दर्ज किया जाएगा। जिससे कर्मचारियों को शिकायतकर्ता का घर ढूंढने में आराम हो जाएगा। यह समाधान ग्रामीणों के घरों को पहचान भी दिलाएगा।जल निगम ग्रामीण के प्रबंध निदेशक डॉ. बलकार सिंह ने बताया कि हमारा उद्देश्य ग्रामीणों को जलापूर्ति के साथ ही बेहतर गुणवत्ता भी उपलब्ध करवाना है। किसी तरह की समस्या होने पर इसी नंबर के आधार पर शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। पानी की समस्या से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए टोल फ्री 18001212164 जारी किया गया है। टोल फ्री नंबर के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
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