राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज कहा कि सरकार आतंकवाद को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चलते हुए आतंकवादियों और विस्तारवादियों को ‘जैसे को तैसा’ जवाब दे रही है।
श्रीमती मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन बुधवार को यहां दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन काे संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पूरी सीमा और सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है। पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा इसे नजरंदाज किये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह काम बहुत पहले ही, प्राथमिकता के आधार पर हो जाना चाहिए था।”
आतंकवाद और विस्तारवाद के खिलाफ सरकार की कड़ी नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद हो या विस्तारवाद, हमारी सेनाएं आज ‘जैसे को तैसा’ की नीति के साथ जवाब दे रही हैं। आंतरिक शांति के लिए मेरी सरकार के प्रयासों के सार्थक परिणाम हमारे सामने हैं।”
लंबे समय से आतंकवाद और हिंसा का दंश झेल रहे जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति के काफी हद तक सामान्य होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि अब केन्द्र शासित प्रदेश में सुरक्षा की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में आज सुरक्षा का वातावरण है। आज वहां हड़ताल का सन्नाटा नहीं, भीड़ भरे बाजार की चहल-पहल है।”
पूर्वोत्तर में भी सरकार की नीति से अलगाववाद की घटनाओं में कमी आने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नॉर्थ-ईस्ट में अलगाववाद की घटनाओं में भारी कमी आई है। अनेक संगठनों ने स्थाई शांति की तरफ कदम बढ़ाए हैं। नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र घटे हैं और नक्सली हिंसा में भी भारी गिरावट हुई है।”
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