**नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS)** के अनुसार, **शुक्रवार, 27 मार्च, 2026** को **लद्दाख** के **लेह** क्षेत्र में **3.9 तीव्रता का हल्का भूकंप** आया। यह झटका **08:31:09 IST** पर सतह से **10 km** की कम गहराई पर महसूस किया गया। इसका केंद्र (epicentre) **36.692°N अक्षांश** और **74.382°E देशांतर** पर स्थित था।
यह उन कई भूकंपीय घटनाओं में से पहली थी, जिन्होंने कम समय के अंतराल में इस क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। रिपोर्टों से पता चलता है कि लेह और लद्दाख के आसपास के हिस्सों में उसी सुबह, एक के बाद एक कम से कम दो से तीन झटके महसूस किए गए। बाद में, उसी क्षेत्र में लगभग **28–44 km** की गहराई पर लगभग **4.7–4.8 तीव्रता** का एक और भूकंप दर्ज किया गया। अब तक किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है, क्योंकि शुरुआती झटका हल्का था और भूकंपीय रूप से सक्रिय हिमालयी बेल्ट के लिए यह एक सामान्य घटना है।
**भूकंप की गहराई का वर्गीकरण**
भूकंप अलग-अलग गहराइयों पर उत्पन्न हो सकते हैं—सतह के करीब से लेकर लगभग **700 km** की गहराई तक। **यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS)** और मानक भूकंपीय पद्धतियों के अनुसार, भूकंपों को उनके केंद्र की गहराई (focal depth) के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
– **उथले-केंद्र वाले भूकंप (Shallow-focus earthquakes)**: 0–70 km (सबसे आम और अक्सर सतह पर अधिक कंपन पैदा करते हैं)
– **मध्यम-केंद्र वाले भूकंप (Intermediate-focus earthquakes)**: 70–300 km
– **गहरे-केंद्र वाले भूकंप (Deep-focus earthquakes)**: 300–700 km
लेह में आया 3.9 तीव्रता का यह भूकंप **उथले-केंद्र वाला भूकंप** (10 km की गहराई) था; समान तीव्रता वाले गहरे भूकंपों की तुलना में, इस तरह के भूकंप आमतौर पर अपने केंद्र के पास जमीन पर अधिक तीव्र कंपन पैदा करते हैं। जब सटीक माप लेना मुश्किल होता है, तो 10 km की गहराई को अक्सर एक डिफ़ॉल्ट या “निर्धारित” मान के रूप में उपयोग किया जाता है।
भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के बीच चल रही टेक्टोनिक टक्कर के कारण लद्दाख एक अत्यधिक भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है। हालांकि हल्के झटके आना यहाँ अपेक्षाकृत सामान्य बात है, फिर भी निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और स्थानीय अधिकारियों तथा NCS द्वारा जारी किए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें। रियल-टाइम मॉनिटरिंग जारी है, और यदि और तेज़ झटके आते हैं, तो आगे की जानकारी जारी की जाएगी।
प्रभावित इलाकों से अभी तक किसी भी तरह के ढांचागत नुकसान या चोटों की कोई तत्काल रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
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