केंद्र का बड़ा ऐलान: भारत में कोई लॉकडाउन नहीं, ईंधन की आपूर्ति बनी रहेगी!

केंद्र सरकार ने **शुक्रवार, 27 मार्च, 2026** को, पूरे देश में संभावित लॉकडाउन की व्यापक अफ़वाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। सरकार ने इन अफ़वाहों को “पूरी तरह से झूठा” बताया और कहा कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री **हरदीप सिंह पुरी** ने X (पहले Twitter) पर एक पोस्ट के ज़रिए इन अटकलों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “भारत में लॉकडाउन की अफ़वाहें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं यह साफ तौर पर कहना चाहता हूँ कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में, यह ज़रूरी है कि हम शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें। ऐसी स्थिति में अफ़वाहें फैलाने और घबराहट पैदा करने की कोशिशें गैर-ज़िम्मेदाराना और नुकसानदेह हैं।”

पुरी ने नागरिकों को यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार वैश्विक स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और **ईंधन, ऊर्जा और ज़रूरी चीज़ों** की बिना रुकावट उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठा रही है। उन्होंने आगे कहा, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, हम उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारत ने वैश्विक अनिश्चितताओं के सामने लगातार मज़बूती दिखाई है।”

यह स्पष्टीकरण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसमें **होरमुज़ जलडमरूमध्य** में रुकावटें भी शामिल हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। मंत्री ने आपूर्ति श्रृंखलाओं की रीयल-टाइम निगरानी और घरेलू ज़रूरतों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से ही कदम उठाने पर ज़ोर दिया।

**ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती**: इस बयान से कुछ ही समय पहले या इसके साथ ही, सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर **विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क** में **₹10 प्रति लीटर** की बड़ी कटौती की घोषणा की। इससे पेट्रोल पर शुल्क घटकर **₹3 प्रति लीटर** (पहले ₹13 था) और डीज़ल पर **शून्य** हो गया है। इस कदम का मकसद तेल विपणन कंपनियों को राहत देना और चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक कीमतों में अचानक आई तेज़ी से उपभोक्ताओं को बचाना है।

**अफ़वाहों की शुरुआत**: प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** के संसद में पश्चिम एशिया संकट पर हाल के संबोधनों के बाद अटकलें तेज़ हो गईं। PM मोदी ने देश से आग्रह किया था कि “तैयार और एकजुट रहें, ठीक वैसे ही जैसे देश COVID-19 महामारी के दौरान एकजुट होकर खड़ा था।” उन्होंने किसी भी लॉकडाउन या पाबंदियों का ज़िक्र नहीं किया था। महामारी से निपटने के उनके संदर्भ की गलत व्याख्याओं ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी और लोग “India lockdown news” (भारत लॉकडाउन समाचार) खोजने लगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लॉकडाउन की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी उपाय की योजना नहीं है।

क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद, सरकार पर्याप्त ईंधन और एलपीजी स्टॉक का आश्वासन देती है, जिसे कांडला बंदरगाह पर हाल ही में भारतीय ध्वज वाले जहाजों जैसे जग वसंत के आगमन से बल मिला है। नागरिकों को आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने और घबराहट से प्रेरित गलत सूचनाओं से बचने की सलाह दी जाती है।