पुलिस ने एक गिरोह के मुखिया को गिरफ्तार किया है जिसने तीन महीने पहले नवी मुंबई में एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी के आवास पर फर्जी छापेमारी कर नकदी और 35 लाख रुपये मूल्य का कीमती सामान लूटा था।
एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।इस वर्ष 21 जुलाई को खुद को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का अधिकारी बताकर छह लोग ऐरोली में शिकायतकर्ता के घर में घुस गए थे। शिकायतकर्ता पूर्व में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यरत था अधिकारी ने बताया कि गिरोह ने तलाशी ली और नकदी तथा 34.85 लाख रुपये मूल्य का कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
गिरोह ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर शिकायतकर्ता ने विरोध किया तो वे उसकी पत्नी को मार देंगे।रबाले पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के बाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत डकैती, आपराधिक धमकी, फर्जी तौर पर खुद को सरकारी अधिकारी बताने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
विरार थाने के वरिष्ठ निरीक्षक राजेंद्र कांबले ने बताया कि नवी मुंबई पुलिस ने इस मामले के संदर्भ में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था और मुखिया अमित वारिक (35) की तलाश में थी।उनके अनुसार, हाल ही में नवी मुंबई पुलिस को पता चला कि वारिक, विरार के चंदनसर में है। विरार पुलिस की मदद से उन्होंने उसे 22 अक्टूबर को हिरासत में ले लिया।
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check