जानिए दही खाने का सही समय

आयुर्वेद में रात को दही का सेवन करने से बचने के लिए कहा गया है। जैसा की हम सब जानते है की आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का एक प्राचीन तरीका है जिसकी मदद से आज भी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार किया जाता है। इसका वैज्ञानिक कारण भी है। नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी के अनुसार, दही हमारी बॉडी टिश्यू में ऑपोजिट एक्टिविटी को बढ़ा देता है जिसके कारण शरीर पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ता है। आइए अब रात में दही का सेवन करने के कारण होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जानते हैं।

उल्टी की समस्या: रात में दही का सेवन करने के कारण पाचन क्रिया पर भी विपरीत असर होता है। इसके कारण आपको उल्टी का भी सामना करना पड़ सकता है। आयुर्वेद में इसका जिक्र किया गया है।

पिंपल से होना पड़ेगा परेशान: एक क्लिनिकल ट्रायल के दौरान यह देखा गया कि दही का 2 हफ्ते तक रात में नियमित रूप से सेवन करने वाले लोगों में पिंपल्स की समस्या बड़ी तेजी से होती है।

अधिक मात्रा में बनने लगता है म्यूकस: आयुर्वेद में भी यह बात कही जाती है कि रात में दही का सेवन करने के कारण शरीर में म्यूकस भी अधिक मात्रा में बनने लगता है। अधिक मात्रा में बनने वाला म्यूकस आपके गले में खराश और सर्दी, जुकाम की समस्या को भी बढ़ा सकता है।

मोटापा: एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, रात में दही का अधिक मात्रा में किया गया सेवन मोटापे की समस्या को भी बढ़ा सकता है। इसके साथ ही साथ कब्ज का भी मुख्य कारण माना जाता है।

अर्थराइटिस से जूझ रहे लोगों को और भी खतरा: जिन लोगों को अर्थराइटिस की समस्या है उन्हें दही का कम से कम सेवन करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दही का सेवन करने के कारण जॉइंट पेन (जोड़ों के दर्द) की समस्या बढ़ सकती है।