आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और अनियमित खानपान के कारण डायबिटीज तेजी से फैलती जा रही है। पहले जहां यह समस्या उम्रदराज़ लोगों में देखने को मिलती थी, अब युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। मोटापा, तनाव, और शारीरिक सक्रियता की कमी इस बीमारी के मुख्य कारण हैं।
डायबिटीज में खानपान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है। ऐसे में आपको ये जानना जरूरी है कि डायबिटीज में कौन-सी दालें खानी चाहिए और कौन-सी नहीं।
❌ डायबिटीज में उड़द की दाल से बचें
अगर आपको डायबिटीज है तो उड़द की दाल, खासतौर पर घी या बटर में बनी दाल मखनी, आपके लिए नुकसानदेह हो सकती है। उड़द की दाल में कैलोरी और फैट ज़्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर के स्तर में उछाल आ सकता है।
इसलिए शुगर पेशेंट्स को सलाह दी जाती है कि उड़द की दाल या दाल मखनी को डाइट से बाहर रखें या बहुत सीमित मात्रा में ही लें।
✅ डायबिटीज में कौन सी दालें हैं फायदेमंद?
डायबिटीज में प्रोटीन की जरूरत होती है और इसके लिए दालें बेहतरीन विकल्प हैं। लेकिन सही दाल का चुनाव ज़रूरी है। आप निम्न दालों का सेवन कर सकते हैं:
मूंग दाल – पचने में आसान और लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली।
अरहर (तुअर) दाल – फाइबर और प्रोटीन से भरपूर।
चना दाल – ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक।
इन दालों में फोलेट, आयरन, जिंक, फाइबर और कई जरूरी विटामिन्स भी होते हैं जो शरीर को पोषण देने के साथ डायबिटीज मैनेज करने में मदद करते हैं।
🧘♂️ डायबिटीज को कंट्रोल कैसे करें?
डायबिटीज को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ ज़रूरी उपाय:
रोजाना कम से कम 1 घंटे पैदल चलें या योग करें।
हरी पत्तेदार सब्जियों और हाई-फाइबर फूड्स को डाइट में शामिल करें।
सादा और कम तेल मसाले वाला खाना खाएं।
मल्टीग्रेन आटा और साबुत अनाज की रोटियां खाएं।
नियमितता और संयम से ही डायबिटीज को लंबे समय तक कंट्रोल में रखा जा सकता है।
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