जहां रूस यूक्रेन युद्ध के कारण अपने हथियार निर्यात में 92% की जबरदस्त गिरावट का सामना कर रहा है, वहीं इजराइल ने 2024 में अपने रक्षा निर्यात का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। इस साल इजराइल ने 14.8 अरब डॉलर के हथियार बेचे, जो पिछले साल के 13 अरब डॉलर से 13% ज्यादा है। इजराइल के ये हथियार गाजा से लेकर सीरिया, लेबनान, यमन और ईरान तक के जंग के बीच भी भारी मांग में हैं।
रूस बनाम इजराइल: दो जंग, दो किस्मत
रूस की युद्ध में उलझन ने उसकी हथियार बिक्री लगभग बंद सी कर दी है। SIPRI रिपोर्ट के अनुसार, रूस के हथियार निर्यात में 2019-2023 के बीच आधा गिरावट आई है, जबकि जेम्सटाउन फाउंडेशन के मुताबिक 2021 से 2024 के बीच 92% की कमी हुई है। इसके विपरीत, इजराइल की उन्नत “जंगी तकनीक” को दुनियाभर में भारी मांग मिल रही है।
यूरोप बना इजराइल का सबसे बड़ा ग्राहक
इजराइल की सबसे बड़ी डील जर्मनी के साथ हुई, जहां Arrow-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए 3.8 अरब डॉलर की डील हुई। 2024 में यूरोप को इजराइल की कुल हथियार बिक्री का 54% हिस्सा गया, जो 2023 में 35% था। रूस से दूरी बनाने के कारण यूरोप अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है और इजराइल इस मौके का पूरा फायदा उठा रहा है।
भारत और एशिया में इजराइल का दबदबा
भारत और फिलीपींस जैसे देशों ने इजराइल को बड़े हथियार सप्लायर के तौर पर चुना है। 2020-24 के बीच भारत ने अपने हथियार आयात का 13% हिस्सा इजराइल से खरीदा, जबकि फिलीपींस का 27% हिस्सा इजराइल से आया। अरब देशों में भी इजराइली हथियारों की बिक्री बढ़कर 3% से 12% हो गई है, जिसमें अबू धाबी और मोरक्को जैसे देश शामिल हैं।
सबसे ज्यादा बिके कौन से हथियार?
इजराइल के निर्यात का 48% हिस्सा मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम और रॉकेट्स का रहा। इसके अलावा बख्तरबंद वाहन (9%), मानवयुक्त विमान (8%), साइबर और इंटेलिजेंस सिस्टम (4%), ड्रोन व UAV (1%) की मांग भी काफी रही। हालांकि इजराइल की वैश्विक डिफेंस मार्केट में हिस्सेदारी 3.1% है, लेकिन इसकी ग्रोथ रेट बाकी देशों से काफी तेज है।
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