गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही हैं और इस समय बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर पर ज्यादा समय बिताते हैं। ज्यादातर बच्चे ऑनलाइन गेमिंग करते हैं क्योंकि इंटरनेट अब बहुत सस्ता हो चुका है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑनलाइन गेम खेलते समय सुरक्षा का खास ध्यान रखना चाहिए। साइबर अपराधी बच्चों को फंसाकर उनके गेमिंग अकाउंट हैक कर सकते हैं। साइबरदोस्त नाम के एक्सपर्ट ने इस विषय पर चेतावनी देते हुए बताया है कि बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रहने के तरीके जरूर सिखाने चाहिए।
ऑनलाइन गेमिंग के दौरान क्यों रहें सतर्क?
मोबाइल हो या कंप्यूटर, गेम खेलते वक्त अक्सर स्क्रीन पर एड्स और मैसेज आते रहते हैं। इनमें क्लिक करने पर रिवॉर्ड्स मिलने का झांसा दिया जाता है। ये एड्स इतने आकर्षक होते हैं कि बच्चे आसानी से फंस जाते हैं। इनमें से कई बार बच्चे धोखे में आकर लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जो बड़ी मुसीबत बन सकती है।
लॉगइन डिटेल्स कभी न साझा करें
ऐसे लिंक पर क्लिक करने से एक चमकदार वेबसाइट खुलती है, जहां लॉगइन डिटेल्स मांगी जाती हैं। साइबर अपराधी इसी तरह बच्चों को फंसा लेते हैं। गेमिंग अकाउंट की जानकारी चुराकर बाद में उनका कंट्रोल हथिया लेते हैं। बच्चे यह समझ नहीं पाते कि उनका अकाउंट कैसे खो गया।
फ्री ऑफर्स का लालच न लें
साइबर ठग फ्री ऑफर्स का लालच देकर यूजर की निजी जानकारी चुरा लेते हैं। खासकर जब बच्चे बड़े के अकाउंट से गेम खेल रहे हों, तो खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। इससे अपराधी बाकी ऑनलाइन अकाउंट्स को भी निशाना बना सकते हैं।
साइबर एक्सपर्ट की 3 जरूरी सलाह
कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
अपनी गेमिंग आईडी और पासवर्ड किसी से साझा न करें।
केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर ही गेम खेलें।
थर्ड पार्टी वेबसाइट या ऐप पर गेम खेलने से बचें, क्योंकि वहाँ धोखाधड़ी का खतरा ज्यादा होता है। उदाहरण के लिए, ऑनलाइन लूडो जैसे गेम के फर्जी प्लेटफॉर्म हो सकते हैं। अगर आप स्कैम का शिकार हो जाएं या अकाउंट खो दें, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें और कंप्लेंट करें। बच्चों को चाहिए कि वे तुरंत अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दें ताकि सही कदम उठाए जा सकें।
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