जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान के कई मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि भारत कभी भी पाकिस्तान पर हमला कर सकता है। भारत ने भी पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि वह आतंकियों को पनाह और समर्थन देने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगा। पहलगाम हमले के गुनहगारों को कड़ी सजा दी जाएगी। भारत के कड़े रुख को देखते हुए पाकिस्तान ने अपनी सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ा दी है और गीदड़भभकी दी है कि वह हमले पर कड़ा जवाब देगा।
इसी बीच पाकिस्तान की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने केंद्रीय और राज्य मंत्रियों के वेतन, भत्तों और विशेषाधिकार संशोधन अधिनियम 2025 पर दस्तख्त कर दिए हैं। इस नए अधिनियम के तहत केंद्रीय और राज्य मंत्रियों के वेतन में 188 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
पार्षदों की सैलरी में हुआ बड़ा इजाफा
नए बिल के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रियों, सलाहकारों और राज्य मंत्रियों को अब हर महीने 5,19,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इससे पहले केंद्रीय मंत्रियों को 2 लाख रुपये और राज्य मंत्रियों को 1.80 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता था। इस बढ़ोतरी को वर्ष 2025 की शुरुआत से लागू किया जाएगा।
इस साल फरवरी में सरकार ने संसद में नया बिल पेश किया था, जिसमें सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी की बात कही गई थी। इस बिल पर किसी भी पार्टी ने विरोध नहीं जताया। सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की विधायक रोमिना खुर्शीद आलम ने यह विधेयक सदन में पेश किया, और विपक्ष और सत्ताधारी दोनों सांसदों ने इस बढ़ोतरी को लेकर कोई विरोध नहीं किया। संसद की वित्त समिति ने इस विधेयक को मंजूरी दी है।
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