डायबिटीज (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है जिसमें खानपान का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। यदि आप सही डाइट फॉलो नहीं करते हैं, तो इससे आपकी आंखों, किडनी और दिल पर असर पड़ सकता है। ऐसे में अंडों को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या अंडे डायबिटीज मरीजों के ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकते हैं?
अंडों में कोलीन और ल्यूटिन जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो न केवल बीमारियों से बचाव करते हैं बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखते हैं। अंडे की जर्दी (येलो पार्ट) में बायोटिन होता है, जो स्किन, बाल, नेल्स के लिए फायदेमंद है और इंसुलिन प्रोडक्शन के लिए भी जरूरी है।
पहले अंडों को डायबिटीज के मरीजों के लिए ठीक नहीं माना जाता था क्योंकि उनमें कोलेस्ट्रॉल काफी ज्यादा होता था। लेकिन अब यह माना जाता है कि अंडे ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का लेवल नहीं बढ़ाते हैं क्योंकि इनमें गुड कोलेस्ट्रॉल भी पाया जाता है। वास्तव में, अंडे ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छा फैट स्रोत हैं।
प्रोटीन और डायबिटीज पर इसका असर
जब आप प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो आपके शरीर को कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलने में ज्यादा समय लगता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज वाले मरीजों में भोजन के बाद ब्लड शुगर का लेवल कम हो जाता है।
1 ग्राम प्रोटीन 4 कैलोरी प्रदान करता है, जैसे कार्बोहाइड्रेट की कैलोरी होती है। इससे कैलोरी की मात्रा कम होती है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है।
कम प्रोटीन वाली डाइट से मसल्स की हानि होती है, जिससे बुजुर्ग डायबिटीज रोगियों में गिरने और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है।
मसल्स का कम होना इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा दे सकता है, और इससे फैटी लिवर रोग, सिरोसिस और कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
डायबिटीज वालों के लिए अंडे कितने सेफ हैं?
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को हर दिन प्रोटीन के माध्यम से 15-20% कैलोरी प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। एक्टिव एक्सरसाइज करने वाले और खिलाड़ियों के लिए इसे बढ़ाकर सेवन करने की सलाह दी जाती है, और इस मामले में अंडे मददगार साबित हो सकते हैं।
टाइप 1 डायबिटीज वाले लोगों के लिए अंडे एक कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन हैं, जिसमें प्रति दो बड़े अंडे में केवल एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।
DIABEGG स्टडी से यह सामने आया है कि प्रति सप्ताह 12 अंडे तक खाने से टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, फास्टिंग ग्लूकोज या इंसुलिन के लेवल पर कोई असर नहीं पड़ता है।
इसलिए, अंडे डायबिटीज वाले लोगों की डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। यह प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत प्रदान करते हैं और ब्लड शुगर या दिल की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाले बिना सुधार कर सकते हैं। हालांकि, हर चीज को एक लिमिट में रखना हमेशा बेहतर होता है।
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