जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद, बयानबाज़ी अब राजनीतिक मोड़ ले चुकी है।
कांग्रेस सांसद उदित राज ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा:
“दुबे जी, संकट की इस घड़ी में पाकिस्तान से लड़िए, न कि भारत के संविधान से।”
उन्होंने पूछा कि क्या संविधान की धारा 26, 27, 28 और 29 खत्म करना ज़्यादा जरूरी है या आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना?
📜 “संविधान से इतनी नफरत है तो पाकिस्तान चले जाइए” — उदित राज की तीखी टिप्पणी
उदित राज ने कहा कि देश जब गुलाम था, तब उस पर विचारधारा हावी थी।
अब जब देश संविधान से चलता है, क्या कोई फिर से उसे गुलाम बना सकता है?
“अगर संविधान से इतनी चिढ़ है, तो पाकिस्तान चले जाइए। भारत तो संविधान से ही चलेगा।”
💬 निशिकांत दुबे बोले: “धारा 26-29 खत्म हो, पाकिस्तानी पानी से मर जाएंगे!”
दूसरी ओर, भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने सरकार के सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के फैसले का समर्थन करते हुए कहा:
“अब आर या पार की लड़ाई होगी। पाकिस्तान की नदियां रोक दो, वे पानी के बिना मर जाएंगे। ये 56 इंच का सीना है!”
उन्होंने यह भी कहा कि धारा 26 से 29 (जो धार्मिक, सांस्कृतिक और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़ी हैं) को खत्म करने का समय आ गया है।
⚔️ “धर्म के नाम पर हत्या हुई या नहीं? बताएं सेक्युलर नेता!” — दुबे का हमला
निशिकांत दुबे ने सेक्युलर नेताओं पर सवाल उठाया कि जब बंटवारा धर्म के नाम पर हुआ, तो आज की हत्याएं क्या धर्मनिरपेक्षता को आईना नहीं दिखा रही?
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