जिला न्यायालय ने बुधवार को शाही जामा मस्जिद को मूल रूप से हरिहर मंदिर बताने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की है।
जब मामला सिविल जज (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह के समक्ष आया, तो मामले को 28 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया।
याचिका पहले 19 नवंबर, 2023 को एक अन्य न्यायालय में दायर की गई थी।
हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने कहा कि प्रतिवादी को अपना लिखित बयान प्रस्तुत करना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने कहा, “आज आदित्य सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। अगली तारीख 28 अप्रैल तय की गई है। मस्जिद पक्ष के वकील को आज अपना लिखित बयान दाखिल करना था, लेकिन उन्होंने अभी तक इसे प्रस्तुत नहीं किया है।”
उन्होंने कहा, “हमने न्यायालय से अपील की है कि उन्हें अपना लिखित बयान दाखिल करने का कोई और अवसर न दिया जाए।”
वहीं शाही जामा मस्जिद के प्रमुख जफर अली ने पत्रकारों से कहा, “सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से स्टे है, इसलिए कोई सुनवाई नहीं हुई। 28 अप्रैल की तारीख दी गई है।”
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