बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा बना रहता है, लेकिन कई बार यह सिर्फ आम बीमारी नहीं होती। इस ठंड के मौसम में कोविड-19, आरएसवी, नोरोवायरस और सामान्य सर्दी जैसी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। कई मामलों में नाक बंद होना, छींक आना, गले में खराश, खांसी और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखे हैं। लेकिन एक और चिंताजनक संकेत है—ग्लैंड्स में सूजन, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
लिम्फ नोड्स में सूजन के संभावित कारण
👉 वायरल इंफेक्शन – सर्दी-खांसी, फ्लू, कोविड-19 आदि से सूजन हो सकती है।
👉 बैक्टीरियल इंफेक्शन – टॉन्सिलिटिस, स्कार्लेट फीवर जैसी बीमारियों में भी लिम्फ नोड्स बढ़ सकते हैं।
👉 टीबी, ल्यूपस या गठिया – ऑटोइम्यून बीमारियां भी इसका कारण हो सकती हैं।
👉 कैंसर (लिम्फोमा) – कई बार यह लिम्फोमा यानी ब्लड कैंसर का संकेत भी हो सकता है।
कब सतर्क होने की जरूरत है?
अगर आपको इन लक्षणों में से कोई भी महसूस हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
✅ सूजन 2 हफ्ते से ज्यादा बनी रहे।
✅ लिम्फ नोड्स सख्त या स्थिर महसूस हों।
✅ वजन तेजी से कम हो रहा हो।
✅ रात में पसीना आना, तेज बुखार या लगातार थकान बनी रहना।
✅ आपको पहले कैंसर हो चुका हो।
क्या है लिम्फोमा?
लिम्फोमा एक प्रकार का ब्लड कैंसर है, जो लिम्फेटिक सिस्टम को प्रभावित करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ा होता है और इसके बढ़ने पर इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है।
लिम्फोमा के अन्य संभावित लक्षण
⚠️ लिम्फ नोड्स की दर्द रहित सूजन
⚠️ आराम करने के बावजूद लगातार थकान और कमजोरी
⚠️ बुखार जो तीन दिन बाद भी ठीक न हो
⚠️ रात में बहुत ज्यादा पसीना आना
⚠️ सांस लेने में परेशानी महसूस होना
⚠️ बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन घटना
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