प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के रिश्तों में नई मजबूती देखने को मिली। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अप्रवासी भारतीयों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। इसी बीच, पाकिस्तान और तुर्की ने 5 बिलियन डॉलर के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नया बढ़ावा मिलेगा।
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन का पाकिस्तान दौरा
📌 तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन 12 फरवरी को दो दिन के दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे।
📌 इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने उनका स्वागत किया।
📌 रावलपिंडी में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, और दोनों देशों के राष्ट्रगान भी बजाए गए।
व्यापार समझौते को मजबूत करने पर बनी सहमति
🔹 तुर्की और पाकिस्तान ने मौजूदा व्यापार समझौते के दायरे को बढ़ाने पर चर्चा की।
🔹 5 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य को पूरा करने के लिए निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
🔹 तुर्की के निवेशकों को पाकिस्तान में नई परियोजनाओं और विनिर्माण में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
रक्षा और सैन्य सहयोग पर भी हुई बातचीत
💠 एर्दोगन ने कहा कि सैन्य और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।
💠 दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में संयुक्त खरीद, बिक्री और निर्माण से जुड़ी संभावनाओं पर विचार किया।
💠 पाकिस्तान और तुर्की ने 24 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों को आर्थिक और रणनीतिक रूप से लाभ मिलेगा।
5 बिलियन डॉलर का व्यापार लक्ष्य कैसे पूरा होगा?
📍 इस्लामाबाद में पाकिस्तान-तुर्की व्यापार मंच को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा—
✔️ दोनों देशों ने 5 बिलियन डॉलर का व्यापार सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।
✔️ हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभी बहुत मेहनत बाकी है।
✔️ कागजी समझौते हो चुके हैं, अब असली चुनौती इनको धरातल पर उतारने की है।
यह भी पढ़ें:
30 से 50 की उम्र की महिलाएं सावधान! कहीं आप भी तो नहीं हैं SCAD के जोखिम में
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check