दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया चुनाव हार चुके हैं। लंबे समय तक दिल्ली की राजनीति में दबदबा बनाए रखने के बाद आम आदमी पार्टी को इस चुनाव में करारी शिकस्त मिली है। भाजपा ने पूरी ताकत झोंकते हुए मजबूत वापसी की है और अब तक के रुझानों के अनुसार दिल्ली में उसकी सरकार बनती दिख रही है।
चुनाव नतीजों से साफ है कि दिल्ली की जनता ने इस बार भाजपा पर भरोसा जताया है। बीते कुछ वर्षों में आप सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष, भ्रष्टाचार के आरोपों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों ने आम आदमी पार्टी को कमजोर किया है, जिसका भाजपा ने पूरा फायदा उठाया।
भाजपा के दिग्गज नेता लगातार प्रचार अभियान में सक्रिय रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जे.पी. नड्डा जैसे शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में कई रैलियां और सभाएं कीं। आप के ‘फ्री बिजली-पानी’ और शिक्षा मॉडल के मुकाबले भाजपा ने राष्ट्रवाद, विकास और स्थिर शासन का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।
अब सबकी नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, लेकिन शुरुआती रुझानों से यह स्पष्ट है कि दिल्ली की सत्ता में बड़ा बदलाव आने वाला है। क्या भाजपा 15 साल बाद पूर्ण बहुमत से दिल्ली में सरकार बनाएगी? क्या आम आदमी पार्टी वापसी कर पाएगी? इन सवालों का जवाब जल्द ही चुनावी नतीजे देंगे।
दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के संकेत: मनीष सिसोदिया चुनाव हारे, भाजपा का प्रदर्शन दमदार
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