हाल ही में एक रिसर्च ने स्मार्टवॉच और कैंसर के बीच संभावित संबंध को उजागर किया है। नॉर्ट्रे डैम यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया कि 22 पॉपुलर स्मार्टवॉच ब्रांड्स में से 15 ब्रांड्स में कैंसर उत्पन्न करने वाले हानिकारक कैमिकल्स पाए गए हैं। इन कैमिकल्स को “फॉरेवर कैमिकल्स” कहा जाता है, क्योंकि ये पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और मुश्किल से टूटते हैं।
15 स्मार्टवॉच ब्रांड्स में मिले कैंसरजन्य कैमिकल्स रिसर्च के अनुसार, स्मार्टवॉच के रबर बैंड में फ्लोरोएलास्टोमर रबर का उपयोग किया जाता है, जो तेल और पसीने जैसे तरल पदार्थों का प्रतिरोध करता है। लेकिन इस रबर में मौजूद कंपाउंड कैंसर उत्पन्न करने का कारण बन सकते हैं। इन कैमिकल्स की मात्र भले ही कम हो, लेकिन यह इतनी होती है कि यह किसी साधारण व्यक्ति के शरीर में कैंसर का कारण बन सकती है।
बैन की उठी मांग यह रिसर्च इस बात की ओर इशारा करती है कि स्मार्टवॉच के रबर बैंड में 40% तक हानिकारक कैमिकल्स हो सकते हैं, जो कि कई अन्य उत्पादों में भी पाए जाते हैं, जैसे कि कीड़े मारने वाली दवाइयाँ और कारपेट। यह कैमिकल्स लिवर की बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। यूरोपियन यूनियन ने इसके खतरनाक प्रभावों को देखते हुए फ्लोरोएलास्टोमर से बने प्रोडक्ट्स पर बैन लगाने की मांग की है।
“फॉरेवर कैमिकल्स” का खतरा PFAS (पॉलीफ्लोरोएल्काइल पदार्थ) यानि “फॉरेवर कैमिकल्स” का असर सिर्फ स्मार्टवॉच तक सीमित नहीं है, ये कैमिकल्स टेफ्लॉन पैन, ग्रीस-रेसिस्टेंट पेपर, फास्ट-फूड रैपर, माइक्रोवेव पॉपकॉर्न बैग, और कुछ सौंदर्य प्रोडक्ट्स में भी पाए जाते हैं। इससे खासतौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अधिक खतरा होता है। इन कैमिकल्स से बने बर्तनों में खाना खाने से यह हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
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