न्यूजीलैंड को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारत के खिलाफ पांचवें दिन 107 रनों के लक्ष्य का पीछा करने की चुनौती मिली थी। न्यूजीलैंड ने दो विकेट के नुकसान पर यह टारगेट हासिल भी कर लिया, लेकिन जसप्रीत बुमराह ने बहुत आसानी से उनको इस लक्ष्य को पाने नहीं दिया।
बुमराह की शानदार गेंदबाजी के बीच, विल यंग के नाबाद 48 रनों के अलावा, रचिन रवींद्र ने दूसरी पारी में भी नाबाद 39 रनों की पारी खेलकर न्यूजीलैंड के ड्रेसिंग रूम की टेंशन कम की और टीम को एक यादगार जीत तक पहुंचाया। इससे पहले रचिन ने पहली पारी में 134 रनों की शानदार पारी खेली थी।
इस तरह से 107 रनों के लक्ष्य को न्यूजीलैंड ने 8 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया और 1988 के बाद भारत में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की।
कीवी कप्तान टॉम लैथम ने रचिन रवींद्र की शानदार पारियों की तारीफ की, जिन्होंने न्यूजीलैंड को तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, “रचिन और टिम के बीच साझेदारी ने उस समय बढ़त दिलाई, जब मैच में किसी का पलड़ा भारी नहीं था। हम जानते हैं कि टिम की बल्लेबाजी में कितनी क्षमता है। बाद में केवल 100 के करीब रनों का पीछा करना अच्छा रहा।”
मैच समाप्त होने के बाद टॉम लैथम ने कहा, “रचिन एक युवा खिलाड़ी है, जिसने कुछ साल पहले टेस्ट क्रिकेट खेला है। पिछले 12 महीनों में उसने जिस तरह से खेला है और जैसे वह नई भूमिका में आया है, उससे उसे नई पहचान मिली है। उसने पहली पारी में ही अपनी क्लास दिखाई है। उसके बाद आज (रविवार) जिस तरह से उसने बल्लेबाजी की, उससे हमारे ड्रेसिंग रूम में बैठे लोग शांत और टेंशन फ्री हो गए।”
टॉम लैथम ने आगे कहा, “बेंगलुरु में टॉस हारना उनके लिए अच्छा साबित हुआ। मुझे लगता है कि हम वास्तव में पहले बल्लेबाजी करने जा रहे थे। अंत में टॉस हारना अच्छा रहा। हमने अच्छी गेंदबाजी की और परिणाम प्राप्त किए। हम जानते थे कि भारत तीसरी पारी में हमारे खिलाफ वापसी करेगा, लेकिन गेंदबाजों ने एक बार फिर हमें मैच में कमबैक कराया।”
यह भी पढ़े :-
तेज पत्ता: यूरिक एसिड का दुश्मन, इन बीमारियों में भी है कारगर
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check