केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी कि सामुदायिक स्तर पर एमपॉक्स के सभी संदिग्ध मामलों में स्क्रीनिंग और जांच कराई जाए तथा संदिग्ध एवं पुष्ट दोनों मामलों में मरीजों के लिए अस्पतालों में पृथकवास सुविधाएं चिह्नित की जाएं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने सोमवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में उनसे कहा कि लोगों के बीच किसी भी तरह के अनावश्यक डर को फैलने से रोका जाए।
सतर्कता बरतने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘भारत में मौजूदा प्रकोप में एमपॉक्स का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है और संदिग्ध मामलों में एक भी नमूना ‘पॉजिटिव’ नहीं आया है।’’
चंद्रा ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
उन्होंने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि विशेष रूप से स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की जाए, अस्पतालों में पृथकवास सुविधाओं की पहचान की जाए और ऐसी सुविधाओं पर आवश्यक रसद एवं प्रशिक्षित मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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