बांग्लादेश में आरक्षण सुधार विरोधी प्रदर्शन के दौरान दो बीएनपी कार्यकर्ताओं सहित तीन लोगों की मौत को लेकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके पूर्व कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ हत्या के दो नये मामले दर्ज किये गये हैं। मीडिया ने यह खबर दी है।
शुक्रवार को ढाका की अदालतों में ये दोनों मामले दर्ज किये गये जो 76 वर्षीय हसीना के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों में नवीनतम मामले हैं। सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के विरूद्ध विद्यार्थियों के भारी प्रदर्शन के बाद हसीना पांच अगस्त को अपना पद त्यागकर भारत चली गयी थीं।
‘डेली स्टार’ अखबार ने खबर दी है कि इन दोनों मामलों के साथ ही हसीना के विरूद्ध दर्ज मामले 84 हो गये हैं जिनमें हत्या के आरोप के 70, मानवता के विरूद्ध अपराध एवं नरसंहार के आरोप के आठ, कथित अपहरण के तीन तथा अन्य आरोपों के तीन मामले शामिल हैं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के मतिउर रहमान ने चार अगस्त को पार्टी कार्यकर्ताओं– जुल्कर हुसैन (38), और अंजना (28) की हुई मौत को लेकर किशोरगंज में मामला दर्ज कराया।
मामले के बयान के अनुसार विरोध प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों और बीएनपी कार्यकर्ताओं के जुलूस पर आवामी लीग के नेताओं ने आग्नेयास्त्रों, डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। कुछ बीएनपी कार्यकर्ताओं ने पास के खोरमाप्टरी इलाके में एक जिला आवामी लीग नेता के घर में शरण ली, जहा उन्हें हसीना के नेतृत्व वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बंधक बना लिया और फिर आग लगा दी, जिससे हुसैन और अंजना की मौत हो गई।
इस मामले में हसीना, पूर्व सड़क परिवहन एवं पुल मंत्री ओबैदुल कादर समेत 88 लोगों को बतौर आरोपी नामजद किया गया है।
दूसरा नया मामला मुंशीगंज में 22 वर्षीय एक युवक की मौत को लेकर दर्ज किया गया है। शहर के सुपरमार्केट क्षेत्र में चार अगस्त को छात्र नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी।
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