सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों तथा कुछ अन्य सदस्यों ने राजधानी के राजेन्द्र नगर में एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में तीन छात्रों की डूबने के कारण मौत का मुद्दा उठाते हुए सदन में सभी कामकाज रोक कर इस पर चर्चा कराने की मांग की हालांकि मुख्य विपक्षी दल की सहमति नहीं मिलने पर सभापति ने कहा कि इस पर प्रश्नकाल के बाद नियम 176 के तहत अल्पावधि चर्चा होगी।
सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर नियम 267 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस मिले हैं। ये नोटिस सर्वश्री सुधांशु त्रिवेदी, रामचंद्र जांगडा, सुरेन्द्र नागर तथा आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के मु्द्दे तथा कांग्र्रेस के प्रमोद तिवारी ने एक अन्य मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिये हैं।
उन्होंंने कहा कि युवा आबादी देश का भविष्य है, लेकिन देश में कोचिंग एक व्यवसाय बन गया है जिससे युवा छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अखबारों के पहले पृष्ठ इससे संबंधित विज्ञापन से भरे रहते हैं। यह एक समस्या बन गयी है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे के महत्व से अवगत हैं तथा मुख्य दल अगर सहमत हों तो वह इस पर चर्चा कराने के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत से पता चला है कि कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं है।
कुछ देर बाद सभापति ने प्रमुख दलों के नेताओं के साथ विचार विमर्श के बाद कहा कि यह मुद्दा युवाओं के तथा देश के भविष्य निर्माण से जुड़ा है, इसलिए इस पर प्रश्नकाल के बाद नियम 176 के तहत अल्पावधि चर्चा करायी जायेगी।
इससे पहले सभापति ने सदन को भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रहे श्री प्रभात झा के निधन की जानकारी दी। उन्होंंने कहा कि श्री झा ने इस सदन में लगातार दो बार मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि श्री झा जाने माने पत्रकार, लेखक और समाजसेवी थे। उनके निधन से देश ने एक योग्य सांसद खो दिया है। सदस्यों ने दिवंगत सांसद को मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी।
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