हाल ही में एक ऐसा मामला उभरा है जिसमें आरएसएस के एक सदस्य के द्वारा बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर कर्नाटक पुलिस ने अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।आरएसएस के सदस्य शांतनु सिन्हा ने हाल ही में अमित मालवीय पर घृणित गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि मालवीय महिलाओं के यौन शोषण में लिप्त हैं।
भाजपा नेता इस मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बता रहे हैं। भाजपा के बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने एफआईआर को राजनीतिक से प्रेरित बताया है। इसे को लेकर कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। मालवीय ने भी पलटवार करते हुए आरएसएस के शांतनु को कानूनी नोटिस भेजा है।
मालवीय ने एक ट्वीट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बदनाम करने वाले वीडियो पोस्ट किए, जिसमें उन्हें “विदेशी ताकतों का मोहरा” कहा गया था। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा, जबकि बीजेपी नेता इस मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बता रहे हैं।
इस मामले के बाद कांग्रेस ने भी जमकर निशाना साधा है जिस बात पर विरोध बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस पीछे नही हटी है। पार्टी की नेता सुप्रिया ने कहा, ‘आरएसएस के सदस्य ने बीजेपी के अमित मालवीय पर घृणित गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप लगाए हैं। सिर्फ पांच सितारा होटलों में ही नहीं, पश्चिम बंगाल के बीजेपी कार्यालयों में भी उन्होंने महिलाओं का शोषण किया है।’हम बीजेपी से केवल यही चाहते हैं कि महिलाओं को न्याय मिले। प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण के 24 घंटे से भी कम समय में बीजेपी के एक बहुत ही प्रमुख पदाधिकारी, इसके आईटी सेल के प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हम अमित मालवीय को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग करते हैं। यह एक अत्यंत प्रभावशाली पद है, इसकी कोई स्वतंत्र जांच नहीं हो सकती। उन्हें उनके पद से नहीं हटाया जाता तब तक न्याय नहीं हो सकता है।
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