हांगकांग में चीन के नेशनल सिक्योरिटी लॉ लागू करने के बाद प्रो-डेमोक्रेसी कैंपेनर्स के खिलाफ शहर के सबसे बड़े केस में 14 लोगों को दोषी पाया गया है. हांगकांग की हाईकोर्ट ने 16 में से 14 प्रो-डेमोक्रेसी एक्टिविस्टों को देश में तोड़फोड़ के लिए दोषी पाया है. 16 आरोपियों में से सिर्फ दो ही आरोपियों को इन आरोपों से बरी किया गया है.
एक्टिविस्ट्स और राजनेताओं को 2020 में एक अनौपचारिक प्राथमिक चुनाव कराने में उनकी भूमिका के लिए और देश को तोड़ने की साजिश का दोषी पाया गया. लाउ वाई-चुंग और ली यू-शुन को मामले में दोषी नहीं पाया गया.
शुरुआत में इस मामले में 47 आरोपी थे, इन आरोपियों के मुकदमे को “हांगकांग 47” के नाम से जाना गया. पिछले साल बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद बीजिंग द्वारा शहर पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत यह सबसे बड़ा मुकदमा था, जिसके तहत इतनी बड़ी तादाद में लोगों को गिरफ्तार किया था. ये लोग चीन सरकार के खिलाफ प्रो-डेमोक्रेसी आंदोलन चला रहे थे.
यह मुकदमा हांगकांग के लोकतंत्र आंदोलन का एक व्यापक हिस्सा था, जिसका अब चीन द्वारा दमन कर दिया गया है. जब मामला पहली बार अदालत में लाया गया था, तो अधिकांश प्रतिवादियों ने दोषी होने की दलील दी और आगे के आरोपों से लड़ने का फैसला किया. मामले की पूरी सुनवाई एक साल से अधिक समय तक चली है और अब 14 लोगों को दोषी ठहराया गया है.
हांगकांग 47 मामले में दोषी ठहराए जाने ने चीन के क्रूर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की गंभीरता को दिखाया है और यह भी कि कैसे इसने क्षेत्र के राजनीतिक जमीन को बदलने में कामयाबी हासिल की है. एक वक्त था जब हांगकांग में विपक्ष अपनी आवाज उठा सकता था, लेकिन अब वह शहर भर में असहमति की आवाजों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू कर रोक लगा दी जाती है.
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