केंद्र सरकार ने अंगदान को लेकर निर्देश जारी किए है जिसमे सभी राज्यों को सलाह दी गई है। केंद्र का राज्यों से कहना है कि वे ICU मरीजों में जो भी मौतें ब्रेन स्टेम की वजह से हो रही है उन मामलों की निगरानी के दिशा निर्देश जारी करते है सम्पूर्ण जानकारी रखें। केंद्र सरकार का यह मानना है की इनकी खराब पहचान और जो भी इनसे जुड़े प्रमाणीकरण है वो सही ढंग की वजह से n अहोने के कारण देश में अंगदान को लेकर इसका दर निम्न स्तर पर ही सीमित रह गया है। केंद्र सरकार की इस सलाह का सीधा उद्देश्य यह है की देश में अंगदान की दर को बढ़ाया जा सके।
निदेशक डॉ. अनिल कुमार (राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन) ने राज्यों को लिखे पत्र में यह है कहा कि भारत में अंगदान की दर बहुत ही कम बनी हुई है। इसका एक।मात्रा और मुख्य कारण है, ब्रेन स्टेम डेथ मामलों की खराब पहचान और प्रमाणीकरण जिसकी वजह से अंगदान की दर बहुत ही कम है। मानव अंग ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के तहत, ICU में ब्रेन स्टेम डेथ के मामलों की पहचान करना आवश्यक है। इसके अलावा पत्र में यह जांचना जरूरी है कि क्या अंगदान का संकल्प लिया गया है या नही अगर नहीं तो मृतक के परिजनों को कानून के तहत अंगदान के बारे में जागरुक करना भी जरूरी है। पत्र में कुमार ने कहा मैं देश के अंगदान की दर को बढ़ाने के लिए आपका सहयोग और समर्थन चाहता हूं, जिससे मृतक अंगदान के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके।
सामान्य तौर पर जब ब्रेन डेड या मस्तिष्क मृत्यु होती है तो इसमें तो ब्रेन स्टेम दिमाग का निचला हिस्सा ये रीढ़ की हड्डी से जुड़ा होता है इस स्थिति में मरीज के शरीर और आंखों की पुतलियों काम करना बंद कर देती है बल्कि हृदय व बाकी अंग जीवित होते हैं।
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