मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बृहस्पतिवार को एक जांच चौकी पर तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक सहायक उप-निरीक्षक की मौत के मामले में 46 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार को माहुलझिर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई दुर्घटना में नरसिंहपुर जिले का रहने वाला आरोपी लोकजीत सिंह जांच चौकी पर नहीं रुका, बल्कि उसने अवरोधक (बैरिकेड) और पुलिसकर्मी को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि आरोपी कथित तौर पर एक पेट्रोल पंप से 3,500 रुपये का डीजल चुराकर भाग रहा था।
अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने उसका पीछा किया और पुलिस को सतर्क कर दिया, जिसके बाद एएसआई नरेश शर्मा (40) और उनके सहकर्मियों ने तेज रफ्तार वाहन को रोकने के लिए सड़क पर अवरोधक लगा दिये। उन्होंने बताया कि अवरोधक और पुलिसकर्मी को टक्कर मारने के बाद आरोपी ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और वह कुछ दूरी पर पलट गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद उस व्यक्ति को तुरंत पकड़ लिया गया।
अधिकारी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही तीन मामले दर्ज हैं। ये मामले दुर्घटना, ट्रैक्टर चोरी और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अपराध से संबंधित हैं।पुलिस अधीक्षक विनायक वर्मा ने कहा कि एएसआई शर्मा को गंभीर चोटें आईं और उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘पेट्रोल पंप के पास जांच चौकी पर पुलिसकर्मियों को देखने के बाद पिकअप वाहन के चालक ने तेजी से गाड़ी चलाना शुरू कर दिया।
भागते समय उसने सड़क पर लगाए गए बैरिकेड को भी तोड़ दिया।’उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को मृत पुलिसकर्मी के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है।
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