अगर आपके हाथ और पैरों से लगातार पसीना आता है, तो यह सिर्फ गर्मी या तनाव की वजह नहीं हो सकता। इसकी वजह अक्सर ओवर एक्टिव नसें (Hyperactive Nerves) होती हैं, जो आपके शरीर के पसीने बनाने वाले ग्लैंड्स को जरूरत से ज्यादा सक्रिय कर देती हैं। इस स्थिति को हाइपरहाइड्रोसिस (Hyperhidrosis) कहा जाता है।
ओवर एक्टिव नसों की वजह से क्या होता है?
- पसीने की मात्रा बढ़ जाती है – हाथ, पैर, बगल या चेहरे पर बार-बार पसीना आता है।
- सोशल और प्रोफेशनल लाइफ प्रभावित होती है – चीजें फिसल सकती हैं, हाथ मिलाने में परेशानी हो सकती है।
- त्वचा की समस्याएं – लगातार नमी रहने से फंगल इंफेक्शन और रैशेज का खतरा बढ़ जाता है।
कारण
- सिम्पेथेटिक नसों की एक्टिविटी – यह नसें पसीने के ग्लैंड्स को कंट्रोल करती हैं। जब ये ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, तो पसीना भी ज्यादा आता है।
- जेनेटिक कारण – परिवार में किसी को यह समस्या रही हो तो संभावना बढ़ जाती है।
- तनाव और चिंता – स्ट्रेस हार्मोन पसीने की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
बचाव और राहत के उपाय
- एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल – हाथ और पैरों के लिए मेडिकल एंटीपर्सपिरेंट उपयोगी होता है।
- थोड़ी जीवनशैली बदलें – हल्की एक्सरसाइज, मेडिटेशन और स्ट्रेस कम करना मदद करता है।
- डॉक्टर की सलाह – गंभीर मामलों में बोटॉक्स या ओवर एक्टिव नसों के इलाज के विकल्प उपलब्ध हैं।
- सही कपड़े चुनें – सूती और सांस लेने वाले कपड़े पहनें, जो पसीने को सोख लें।
हाथ और पैरों का लगातार पसीना सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि ओवर एक्टिव नसों और हाइपरहाइड्रोसिस का संकेत हो सकता है। शुरुआती पहचान और सही उपाय अपनाने से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित देखभाल, स्ट्रेस कम करना और डॉक्टर से सलाह लेने से जीवन और सामाजिक गतिविधियां सहज रहती हैं।
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