डायबिटीज आज एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है। आमतौर पर लोग इसे ज्यादा मीठा खाने या मोटापे से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसके पीछे पोषण की कमी भी एक बड़ी वजह हो सकती है। खासतौर पर विटामिन C की कमी को डायबिटीज के खतरे से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि यह विटामिन इंसुलिन प्रोडक्शन और उसके असर दोनों में अहम भूमिका निभाता है।
कैसे जुड़ा है विटामिन C और इंसुलिन?
विटामिन C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो पैंक्रियाज की बीटा सेल्स को सुरक्षित रखने में मदद करता है। यही बीटा सेल्स इंसुलिन हार्मोन बनाती हैं।
जब शरीर में विटामिन C की कमी हो जाती है:
- इंसुलिन बनने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है
- ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल से बाहर जा सकता है
- इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने का खतरा रहता है
यानी शरीर में शुगर तो होती है, लेकिन उसे इस्तेमाल करने वाला इंसुलिन सही से काम नहीं कर पाता।
रिसर्च क्या कहती है?
कई स्टडी में यह पाया गया है कि जिन लोगों में विटामिन C का स्तर कम होता है, उनमें टाइप-2 डायबिटीज की संभावना ज्यादा देखी जाती है। रिसर्च के मुताबिक, पर्याप्त विटामिन C लेने से फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c लेवल को बेहतर किया जा सकता है।
विटामिन C की कमी के लक्षण
अगर शरीर में इस विटामिन की कमी हो जाए तो ये संकेत दिख सकते हैं:
- बार-बार थकान महसूस होना
- मसूड़ों से खून आना
- इम्युनिटी कमजोर होना
- घाव देर से भरना
- स्किन रूखी और बेजान होना
इन लक्षणों के साथ अगर ब्लड शुगर भी बढ़ा हुआ है, तो यह कमी एक कारण हो सकती है।
किन फूड्स से मिलेगी भरपूर मात्रा?
डायबिटीज कंट्रोल के लिए डाइट में विटामिन C युक्त चीजें शामिल करना जरूरी है:
- आंवला
- संतरा, नींबू
- अमरूद
- पपीता
- शिमला मिर्च
- टमाटर
- हरी पत्तेदार सब्जियां
इनका नियमित सेवन इंसुलिन प्रोडक्शन को सपोर्ट करता है और शुगर लेवल को बैलेंस करने में मदद कर सकता है।
कितना लेना है सही मात्रा?
एक सामान्य वयस्क को रोज करीब 65–90 mg विटामिन C की जरूरत होती है। ज्यादा सप्लीमेंट लेने से पेट दर्द या दस्त जैसी समस्या भी हो सकती है, इसलिए प्राकृतिक स्रोतों से लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
- जिनको पहले से डायबिटीज है
- जिनका खानपान ठीक नहीं रहता
- स्मोकिंग करने वाले लोग
- बार-बार बीमार पड़ने वाले लोग
इन लोगों में विटामिन C की कमी का खतरा ज्यादा होता है।
डायबिटीज सिर्फ मीठा खाने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह पोषण की कमी से भी जुड़ी हो सकती है। खासतौर पर विटामिन C की कमी इंसुलिन प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। संतुलित डाइट और सही पोषण से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ध्यान रखें: किसी भी तरह का सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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