अगर आप बिना ज्यादा काम किए भी खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़े हो जाते हैं और मूड बार-बार खराब रहता है, तो इसे सिर्फ तनाव समझकर नजरअंदाज न करें। यह शरीर में एक जरूरी मिनरल की कमी का संकेत हो सकता है — और वह मिनरल है मैग्नीशियम (Magnesium)।
मैग्नीशियम शरीर की 300 से ज्यादा जैविक क्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से शरीर और दिमाग दोनों प्रभावित होते हैं।
मैग्नीशियम की कमी क्यों होती है?
- गलत और असंतुलित खानपान
- ज्यादा जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड
- ज्यादा चाय-कॉफी पीना
- नींद पूरी न होना
- ज्यादा तनाव
- बढ़ती उम्र के साथ पोषक तत्वों का सही अवशोषण न होना
मैग्नीशियम की कमी के मुख्य लक्षण
- हर समय थकान और कमजोरी
- चिड़चिड़ापन और बेचैनी
- सिरदर्द और माइग्रेन
- मांसपेशियों में ऐंठन
- नींद न आना या बार-बार नींद टूटना
- दिल की धड़कन तेज होना
- ध्यान लगाने में परेशानी
शरीर के लिए मैग्नीशियम क्यों जरूरी है?
- यह एनर्जी बनाने में मदद करता है
- नर्वस सिस्टम को शांत रखता है
- मांसपेशियों को रिलैक्स करता है
- नींद की गुणवत्ता सुधारता है
- ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में सहायक है
- तनाव और एंग्जायटी कम करता है
मैग्नीशियम की कमी कैसे पूरी करें?
आप अपनी डाइट में ये चीजें शामिल कर सकते हैं:
- हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी)
- केला और एवोकाडो
- कद्दू और सूरजमुखी के बीज
- बादाम, काजू और मूंगफली
- साबुत अनाज
- डार्क चॉकलेट (कम मात्रा में)
- दालें और फलियां
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
अगर लंबे समय से थकान, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या और मांसपेशियों में दर्द बना हुआ है, तो ब्लड टेस्ट कराकर मैग्नीशियम लेवल की जांच करानी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक हो सकता है।
किन लोगों में कमी का खतरा ज्यादा होता है?
- ज्यादा तनाव में रहने वाले लोग
- बुजुर्ग
- डायबिटीज के मरीज
- ज्यादा शराब या चाय-कॉफी पीने वाले
- अनियमित दिनचर्या वाले लोग
अगर आपको हर वक्त थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है, तो यह मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है। सही खानपान, पर्याप्त नींद और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस कमी को दूर किया जा सकता है। समय रहते ध्यान देने से बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।
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