नाभि खिसकना (Umbilical Displacement) एक ऐसी समस्या है जिसे शुरुआती दौर में पहचानना मुश्किल हो सकता है। लेकिन पुरानी पीढ़ी की दादी-नानी के पास इसके लिए सरल और कारगर तरीके होते थे। ये नुस्खे न केवल आसान हैं, बल्कि समय रहते समस्या पहचानने में मदद करते हैं।
1. नाभि की स्थिति देखकर पहचानें
- दादी-नानी अक्सर नाभि की स्थिति और आकार देखकर अंदाज़ा लगाती थीं।
- अगर नाभि सामान्य से ऊपर, नीचे या साइड में खिसक गई हो, तो यह समस्या का संकेत हो सकता है।
- इसके साथ नाभि के चारों ओर सूजन, लालिमा या दर्द भी शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
2. लक्षणों के आधार पर जांच
- पुरानी पीढ़ी शरीर के अन्य लक्षणों जैसे पेट दर्द, कब्ज या अपच को ध्यान में रखकर नाभि खिसकने का अनुमान लगाती थीं।
- अगर पेट में असामान्य दर्द, भारीपन या अपच लंबे समय तक रहता है, तो नाभि की स्थिति जरूर चेक करनी चाहिए।
और क्या करें?
- शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से चेकअप कराना जरूरी है।
- हल्का पेट मालिश या डॉक्टर द्वारा बताई गई स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज मदद कर सकती हैं।
- बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा सामान्य हो सकती है, इसलिए समय-समय पर पेट की जांच जरूरी है।
नाभि खिसकना शुरुआती दौर में नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन पुरानी पीढ़ी के आसान नुस्खे और लक्षणों की पहचान से समय रहते समस्या पकड़ में आ सकती है। दादी-नानी के ये 2 तरीके सरल और असरदार हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
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