भारत बंद का असर? 12 फरवरी को बैंक खुलेंगे या बंद — SBI, BoB की लेटेस्ट अपडेट

10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों (जिसमें CITU, AITUC, INTUC शामिल हैं) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) जैसे किसान ग्रुप्स के सपोर्ट वाले देश भर में **भारत बंद** के बीच, गुरुवार, 12 फरवरी, 2026 को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने कोई ऑफिशियल बैंक छुट्टी घोषित नहीं की है। यह हड़ताल नए लेबर कोड्स (29 कानूनों की जगह लेने वाले, जिन पर जॉब सिक्योरिटी, मोलभाव और हड़ताल के अधिकारों को कमज़ोर करने का आरोप है), इंडिया-US अंतरिम ट्रेड डील (जिससे खेती/डेयरी को नुकसान होने का डर है), और VB-G RAM G एक्ट 2025 (MGNREGA की जगह लेने वाला) और SHANTI एक्ट जैसी संबंधित पॉलिसीज़ के विरोध में है।

बड़ी बैंकिंग यूनियनें—AIBEA, AIBOA, और BEFI—अलग-अलग मांगों को लेकर देश भर में बैंक हड़ताल का नोटिस देते हुए इसमें शामिल हुई हैं।

**SBI का स्टेटमेंट** (BSE फाइलिंग): बैंक ने AIBEA, BEFI और AIBOA से मिले स्ट्राइक नोटिस पर IBA की एडवाइजरी को मान लिया है। SBI ने कहा कि उसने नॉर्मल कामकाज के लिए इंतज़ाम किए हैं, लेकिन “बैंक में काम पर थोड़ा असर पड़ सकता है।” कस्टमर्स को सलाह दी जाती है कि वे रूटीन ट्रांज़ैक्शन के लिए डिजिटल चैनल (मोबाइल/इंटरनेट बैंकिंग, UPI, ATM) का इस्तेमाल करें, क्योंकि चेक क्लियरेंस, डिपॉजिट और विड्रॉल जैसी ब्रांच-लेवल सर्विस में देरी हो सकती है।

**बैंक ऑफ़ बड़ौदा का स्टेटमेंट** (रेगुलेटरी फाइलिंग): BoB ने कन्फर्म किया है कि उसे 12 फरवरी के लिए AIBEA, AIBOA और BEFI से स्ट्राइक नोटिस मिला है। बैंक बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए कदम उठा रहा है, लेकिन “अगर स्ट्राइक होती है, तो ब्रांच और ऑफिस के कामकाज पर असर पड़ सकता है।” इसी तरह की वॉर्निंग PNB जैसे दूसरे PSB पर भी लागू होती हैं।

**कुल मिलाकर असर**: ब्रांच खुली रहेंगी (RBI की कोई छुट्टी नहीं), लेकिन पब्लिक सेक्टर बैंकों में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं—खासकर काउंटर सर्विस—उन इलाकों में जहां यूनियन की हिस्सेदारी ज़्यादा है। प्राइवेट बैंकों पर कम असर पड़ा है। डिजिटल बैंकिंग और ATM नॉर्मल तरीके से काम करेंगे। असर हर राज्य में अलग-अलग होगा (केरल, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में ज़्यादा)।

वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ़ ट्रेड यूनियंस (WFTU), जो 133 देशों में 105 मिलियन मेंबर को रिप्रेजेंट करता है, ने एकजुटता दिखाई, लेबर कोड्स को मज़दूर-विरोधी बताया और ‘श्रम शक्ति नीति, 2025’ के साथ उन्हें खत्म करने की मांगों का सपोर्ट किया। इसने हड़ताल को एक कड़ा मैसेज बताया और चेतावनी दी कि अगर इसे नज़रअंदाज़ किया गया तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैंकिंग ज़रूरतों के लिए पहले से प्लान बनाएं—परेशानी से बचने के लिए ऐप्स/ATM का इस्तेमाल करें।