आजकल लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और गलत पोस्चर के कारण सर्वाइकल पेन एक आम समस्या बन चुकी है। गर्दन में जकड़न, कंधों तक दर्द और सिरदर्द जैसी शिकायतें रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करती हैं। ऐसे में सोने का तरीका और बिस्तर की सतह बहुत अहम भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत ज्यादा नरम गद्दा सर्वाइकल दर्द को बढ़ा सकता है, जबकि तख्त या सख़्त सतह पर सोना राहत देने में मददगार हो सकता है।
नरम गद्दा क्यों बन सकता है सर्वाइकल पेन की वजह?
नरम गद्दे पर सोने से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। गर्दन और रीढ़ की हड्डी प्राकृतिक स्थिति में नहीं रह पाती, जिससे मसल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका असर सुबह उठते ही गर्दन की अकड़न और दर्द के रूप में दिखता है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्या भी हो सकती है।
तख्त पर सोने के क्या फायदे हैं?
तख्त या सख़्त सतह पर सोने से रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और गर्दन को सही सपोर्ट मिलता है। इससे मांसपेशियों पर दबाव कम पड़ता है और धीरे-धीरे दर्द में राहत मिल सकती है। साथ ही, शरीर का पोस्चर बेहतर होता है और सुबह उठते समय भारीपन महसूस नहीं होता।
तख्त पर सोते समय इन बातों का रखें ध्यान
तख्त पर सोते समय एकदम बिना किसी सपोर्ट के सोना सही नहीं होता। गर्दन के नीचे पतला और सही ऊंचाई वाला तकिया जरूर रखें, ताकि सर्वाइकल का नैचुरल कर्व बना रहे। शुरुआत में पतली चादर या हल्का गद्दा बिछाकर सो सकते हैं, जिससे शरीर को बदलाव के साथ तालमेल बैठाने में मदद मिले।
सर्वाइकल पेन से राहत के लिए अन्य जरूरी टिप्स
सिर्फ बिस्तर बदलने से ही नहीं, बल्कि दिनचर्या में कुछ आदतें अपनाकर भी सर्वाइकल पेन से राहत पाई जा सकती है। लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में बैठने से बचें, हर 30–40 मिनट में गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें। मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल आंखों के लेवल पर रखें और झुककर देखने की आदत छोड़ें।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे, हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन या चक्कर जैसी समस्या हो, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। ऐसे लक्षण गंभीर सर्वाइकल समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। समय पर डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
सर्वाइकल पेन से राहत पाने के लिए नरम गद्दे की जगह तख्त पर सोना एक आसान और घरेलू उपाय हो सकता है। सही तकिया, सही पोस्चर और थोड़ी सी सावधानी अपनाकर गर्दन के दर्द से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
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