सुबह का नाश्ता या शाम का हल्का भोजन—पराठा भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। मगर कई लोगों के लिए पराठे खाने के तुरंत बाद गैस, पेट फूलना या एसिडिटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में आयुर्वेद और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि पराठा खाने के समय आटे में एक खास सामग्री मिलाकर इन परेशानियों से बचा जा सकता है।
गैस और एसिडिटी की वजह
पेट में गैस और एसिडिटी कई कारणों से होती है।
ग्लूटेन और भारी आटा – मैदा और गेहूं के आटे को पचाने में शरीर को अधिक समय लगता है।
तेल या घी का अधिक इस्तेमाल – तला हुआ पराठा पेट में गैस और एसिड बढ़ा सकता है।
खाली पेट पर भारी भोजन – जब भूखे पेट पराठा खाया जाता है, तो एसिड का स्तर बढ़ जाता है।
पाचन एंजाइम की कमी – शरीर में पाचन क्षमता कम होने पर गैस और जलन होती है।
पराठे के आटे में क्या मिलाएं?
हींग (Asafoetida) आयुर्वेद में गैस और पेट की समस्याओं के लिए सबसे प्रभावी माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पराठा गूंधते समय थोड़ी सी भुनी हुई हींग आटे में डालने से कई फायदे होते हैं:
पाचन में सुधार – हींग पेट में गैस बनने से रोकती है और पाचन क्रिया को सहज बनाती है।
एसिडिटी कम करे – हींग पेट की जलन और एसिड बनने की प्रक्रिया को नियंत्रित करती है।
गैस और ब्लोटिंग से राहत – पेट फूलने और भारीपन की समस्या में तुरंत आराम मिलता है।
तरीका:
पराठा बनाने के लिए आटा गूंथते समय आधा चुटकी भुनी हुई हींग डालें।
इसे अच्छे से मिलाकर पानी के साथ नरम आटा गूंथ लें।
इस आटे से बनाए गए पराठे हल्के तवे पर कम तेल में सेंकें।
अतिरिक्त सुझाव
पराठा खाते समय ध्यान रखें कि ज्यादा घी या तेल न डालें।
खाने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पिएं, हल्का गुनगुना पानी पीना बेहतर होता है।
पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए छोटे अंतराल में भोजन करना फायदेमंद है।
विशेषज्ञ की राय
डाइटिशियन और आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं कि हींग प्राकृतिक एंटी-फ्लैटुलेंट है और इसे रोजमर्रा के आटे में थोड़ी मात्रा में मिलाना सेहत के लिए बिल्कुल सुरक्षित है। इससे पेट में गैस और एसिडिटी की समस्या लगभग 80% तक कम हो सकती है।
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