आपके स्मार्टफोन में छिपा है मेटल डिटेक्टर, जानकर रह जाएंगे हैरान

आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। कॉलिंग, मैसेजिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन पेमेंट जैसे कामों के अलावा मोबाइल फोन में कई ऐसे फीचर्स मौजूद होते हैं, जिनके बारे में ज्यादातर यूजर्स को जानकारी ही नहीं होती। ऐसा ही एक दिलचस्प फीचर है मेटल डिटेक्टर। सुनने में भले ही यह अजीब लगे, लेकिन सच यह है कि आपके फोन में ऐसा सेंसर मौजूद होता है, जिसकी मदद से आसपास मौजूद धातु का पता लगाया जा सकता है।

दरअसल, ज्यादातर स्मार्टफोन में मैग्नेटोमीटर सेंसर लगा होता है। इस सेंसर का मुख्य काम फोन को दिशा बताना, यानी कम्पास की तरह काम करना होता है। जब आप Google Maps या किसी नेविगेशन ऐप में दिशा देखते हैं, तो वही मैग्नेटोमीटर सेंसर आपकी मदद करता है। हालांकि यही सेंसर मेटल डिटेक्शन के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

मैग्नेटोमीटर सेंसर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में होने वाले बदलावों को पकड़ता है। जब फोन के पास कोई धातु आती है, तो चुंबकीय क्षेत्र में हल्का सा बदलाव होता है। यह बदलाव सेंसर द्वारा दर्ज कर लिया जाता है। इसी सिद्धांत पर मोबाइल फोन मेटल डिटेक्टर की तरह काम करने लगता है।

फोन से मेटल डिटेक्ट करने के लिए यूजर्स को किसी खास हार्डवेयर की जरूरत नहीं होती। इसके लिए Play Store पर उपलब्ध कई मेटल डिटेक्टर ऐप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये ऐप्स फोन के मैग्नेटोमीटर सेंसर से मिलने वाले डेटा को पढ़कर स्क्रीन पर संकेत देते हैं। जैसे-जैसे आप फोन को मेटल के पास ले जाते हैं, ऐप में दिखने वाला ग्राफ या साउंड तेज होने लगता है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि स्मार्टफोन का मेटल डिटेक्टर प्रोफेशनल डिवाइस जितना शक्तिशाली नहीं होता। यह गहराई में छिपी या बहुत छोटी धातु को पहचानने में सीमित हो सकता है। फिर भी घर में छिपी छोटी मेटल चीजें, दीवार में लगे कील, पाइप या बिजली की तार के आसपास मौजूद मेटल का अनुमान लगाने में यह फीचर उपयोगी साबित हो सकता है।

इस फीचर का इस्तेमाल खासतौर पर घरेलू कामों में मददगार हो सकता है। जैसे दीवार में ड्रिल करने से पहले मेटल फ्रेम का पता लगाना या बच्चों के खिलौनों में मौजूद मेटल पार्ट्स की पहचान करना। इसके अलावा यह तकनीक शैक्षणिक उद्देश्य से भी रोचक मानी जाती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी स्मार्टफोन में मैग्नेटोमीटर सेंसर जरूरी नहीं होता। कुछ सस्ते या पुराने फोन में यह फीचर नहीं भी हो सकता है। ऐसे में मेटल डिटेक्टर ऐप ठीक से काम नहीं करेगा।

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