चावल भारतीय रसोई का प्रमुख हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चावल की मांड (outer starchy layer) कुछ लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ा सकती है? मांड निकालकर चावल खाने से शुगर और मोटापे जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन से लोग सावधानी बरतें।
चावल की मांड क्यों है चिंता का कारण?
चावल की मांड में अधिक स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट होता है।
- यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है
- मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ा सकता है
- डायबिटीज और हार्ट रोग वाले लोगों के लिए यह विशेष रूप से जोखिमपूर्ण है
मांड निकालकर चावल खाने के फायदे
- ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद
मांड निकालने से ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे शुगर स्तर तेजी से नहीं बढ़ता। - पाचन में आसानी
बिना मांड वाला चावल हल्का और आसानी से पचने वाला होता है। - वजन नियंत्रित रखने में मदद
स्टार्च कम होने से कैलोरी कम मिलती है और वजन बढ़ने का खतरा घटता है।
किन 4 लोगों को मांड निकालकर ही चावल खाना चाहिए?
1. डायबिटीज के मरीज
- ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने से बचाने के लिए
- रिफाइंड और कम स्टार्च वाले चावल उपयुक्त
2. मोटापे से जूझ रहे लोग
- ज्यादा स्टार्च वजन बढ़ाता है
- मांड निकालने से कैलोरी कम होती है
3. हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
- चावल की मांड में फैट और स्टार्च अधिक होता है
- इसे निकालने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है
4. पेट की समस्या वाले लोग
- कब्ज या अपच होने पर मांड वाला चावल भारी लगता है
- हल्का पचने वाला चावल पेट को राहत देता है
मांड निकालने और चावल पकाने का सही तरीका
- चावल को धोकर 10–15 मिनट भिगोएं
- पानी बदलते हुए अच्छी तरह से धोएं
- उबालने से पहले मांड हटा दें (यदि उपलब्ध हो तो हल्का पॉलिश किया चावल लें)
- हल्का पकाएं, ज्यादा तेल या घी न डालें
चावल सभी की डाइट में जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों के लिए मांड निकालकर खाना विशेष रूप से फायदेमंद है।
- डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और पेट की समस्या वाले लोग इससे स्वस्थ और संतुलित डाइट पा सकते हैं।
- सही तरीका अपनाने से स्वाद और स्वास्थ्य दोनों बनाए रख सकते हैं।
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