आजकल युवाओं और वयस्कों के बीच ई-सिगरेट (ई-वेपिंग) का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग इसे सिगरेट की तुलना में सुरक्षित विकल्प मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। हाल ही में एक मामले में, एक महिला की आंखों की रोशनी पर गंभीर असर पड़ा और डॉक्टरों ने इसके खतरों को लेकर चेतावनी जारी की है।
1. ई-सिगरेट और स्वास्थ्य पर असर
ई-सिगरेट में निकोटिन और अन्य रासायनिक तत्व होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक अधिक मात्रा में ई-सिगरेट का सेवन करने से:
आंखों में सूखापन और जलन
दृष्टि में अस्थायी या स्थायी धुंधलापन
रेटिना और अन्य आंखों की नसों पर असर
हो सकता है।
यह विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए खतरनाक है, जो ध्यान नहीं रखतीं और लगातार ई-सिगरेट का सेवन करती हैं। शोध बताते हैं कि निकोटिन का रक्त संचार और आंखों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
2. मामले की जानकारी
हाल ही में आई रिपोर्ट में, 30 वर्षीय महिला ने लगातार महीनों तक ई-सिगरेट का सेवन किया। इसके परिणामस्वरूप उसके आंखों में दृष्टि कमजोर होने और रोशनी में गिरावट की शिकायत सामने आई। जब डॉक्टरों ने जांच की, तो पाया कि यह सीधे निकोटिन और अन्य रसायनों से आंखों पर असर था।
3. डॉक्टरों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि ई-सिगरेट सिगरेट का सुरक्षित विकल्प नहीं है।
इसके लंबे समय तक सेवन से नेत्र स्वास्थ्य और समग्र शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
यदि आंखों में लगातार जलन, धुंधलापन या सूखापन महसूस हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।
4. सुरक्षा उपाय और अल्टरनेटिव्स
ई-सिगरेट का सेवन संभव हो तो पूरी तरह बंद करें।
निकोटिन छोड़ने के लिए डॉक्टर की सलाह से थेरैपी और वैकल्पिक उपाय अपनाएँ।
आंखों की देखभाल के लिए नियमित नेत्र जांच, आंखों की मालीश और संतुलित आहार आवश्यक है।
हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त पानी पिएं और स्क्रीन टाइम नियंत्रित करें।
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