क्रिकेट फैन्स के लिए मैच का स्कोरबोर्ड किसी जादू से कम नहीं होता। टीवी स्क्रीन पर रन, विकेट और ओवर अपडेट होते ही दर्शकों को हर पल का खेल पता चलता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन आंकड़ों को स्क्रीन पर अपडेट कौन करता है?
दरअसल, टीवी पर दिखने वाला स्कोर अपडेट करने वाले लोग डेटा एंट्री और स्कोरकीपिंग एक्सपर्ट्स होते हैं। इनका काम केवल रन या विकेट दर्ज करना नहीं है, बल्कि हर बॉल का रिकॉर्ड, बल्लेबाज और गेंदबाज के आंकड़े, रन रेट, स्ट्राइक रेट और मैच के लाइव स्टेटिस्टिक्स को भी सही तरीके से अपडेट करना होता है।
ये पेशेवर आमतौर पर मैच के दौरान स्टेडियम या ब्रॉडकास्टिंग सेंटर में बैठकर काम करते हैं। उनके पास लाइव मैच के सभी आंकड़े पहुंचते हैं, जिन्हें वे कंप्यूटर सिस्टम में एंटर करते हैं। यह प्रक्रिया बेहद तेज़ और सटीक होनी चाहिए, क्योंकि किसी भी गलती से टीवी दर्शकों को गलत जानकारी मिल सकती है।
स्कोर अपडेट करने वालों के पास आमतौर पर खेल का अच्छा ज्ञान और तेज़ निर्णय लेने की क्षमता होती है। उन्हें बल्लेबाज और गेंदबाज के आंकड़े याद रखने होते हैं और किसी भी अपवाद या आउट ऑफ़ ऑर्डर डेटा को तुरंत पहचानना पड़ता है। इसके लिए तकनीकी और खेल दोनों क्षेत्रों में विशेषज्ञता जरूरी है।
जहां तक सैलरी की बात है, तो यह व्यक्ति के अनुभव, कंपनी और लीग पर निर्भर करती है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसी बड़ी लीग में स्कोर एंट्री और डेटा टीम के कर्मचारियों को प्रति मैच 15,000 से 40,000 रुपये तक मिल सकते हैं, जबकि छोटे टूर्नामेंट या ब्रॉडकास्टिंग चैनल में यह राशि कम होती है। कुछ अनुभवी डेटा मैनेजर या स्कोरकीपिंग विशेषज्ञ सालाना लाखों की सैलरी भी कमा सकते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस काम की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग, मोबाइल ऐप्स और टीवी ब्रॉडकास्ट के लिए हर पल का डेटा अपडेट करना अनिवार्य हो गया है। इसलिए स्कोर अपडेट करने वाले पेशेवर अब सिर्फ टीवी के लिए नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लाइव डेटा प्रदान करते हैं।
यानी जब अगली बार आप टीवी पर मैच देख रहे हों और रन या विकेट तुरंत स्क्रीन पर दिखे, तो यह काम एक कुशल टीम और स्कोरकीपर की मेहनत का नतीजा होता है। उनका योगदान दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने और खेल को पारदर्शी और रोमांचक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
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