सेहतमंद समझकर खा रहे हैं ये फल? माइग्रेन में बन सकते हैं दुश्मन

माइग्रेन एक ऐसी समस्या है, जिसमें तेज सिरदर्द, उल्टी, मतली, रोशनी और आवाज से चिढ़ जैसी दिक्कतें होती हैं। देश में लाखों लोग इस न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि माइग्रेन के मरीजों में डाइट का सीधा असर देखा जाता है। कुछ खाद्य पदार्थ, खासकर कुछ फल, माइग्रेन के अटैक को ट्रिगर कर सकते हैं।

कौन से दो फल माइग्रेन बढ़ा सकते हैं?
1. केला

केला सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन माइग्रेन के मरीजों के लिए यह हर बार सुरक्षित नहीं होता।

केले में टायरामीन (Tyramine) नामक तत्व पाया जाता है, जो माइग्रेन का प्रमुख ट्रिगर माना जाता है।

बहुत पका हुआ केला खाने से ब्लड वेसल्स में बदलाव होता है, जिससे सिरदर्द तेज हो सकता है।

कुछ मरीजों में केला खाने के कुछ ही घंटों में भयानक माइग्रेन अटैक देखा गया है।

2. खट्टे फल (संतरा, मौसमी, नींबू आदि)

खट्टे फल आमतौर पर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन माइग्रेन के मरीजों को इससे सावधान रहने की जरूरत है।

इनमें मौजूद साइट्रिक एसिड और कुछ प्राकृतिक केमिकल्स दिमाग की नसों को उत्तेजित कर सकते हैं।

इससे सिरदर्द, आंखों में दर्द और मतली की शिकायत बढ़ सकती है।

खासकर खाली पेट खट्टे फल माइग्रेन को और गंभीर बना सकते हैं।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

न्यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, हर व्यक्ति के माइग्रेन ट्रिगर अलग-अलग हो सकते हैं। जरूरी नहीं कि ये फल हर मरीज को नुकसान पहुंचाएं, लेकिन जिन लोगों में केला या खट्टे फल खाने के बाद सिरदर्द बढ़ता है, उन्हें इनसे दूरी बनानी चाहिए।

माइग्रेन मरीजों के लिए डाइट टिप्स

खाने का समय नियमित रखें, खाली पेट न रहें।

अधिक प्रोसेस्ड फूड, चॉकलेट और कैफीन से बचें।

पर्याप्त पानी पिएं, डिहाइड्रेशन माइग्रेन बढ़ाता है।

अपनी डाइट डायरी बनाएं, ताकि ट्रिगर फूड पहचान सकें।

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी?

अगर सिरदर्द बार-बार और बहुत तेज हो

दवाओं से भी राहत न मिले

माइग्रेन के साथ चक्कर, उल्टी या धुंधला दिखना बढ़ जाए

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