सर्दियों के आते ही कई शहरों में वायु प्रदूषण अपने चरम पर पहुंच जाता है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों में धूल, स्मॉग और हानिकारक कण हवा में बढ़ जाते हैं, जो सांस की बीमारी, एलर्जी और दिल की समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में सही मास्क का चुनाव बेहद जरूरी हो जाता है।
कौन सा मास्क है सबसे प्रभावी?
विशेषज्ञों का मानना है कि सभी मास्क समान नहीं होते। प्रदूषण के हानिकारक PM2.5 और PM10 कणों को रोकने के लिए कुछ मास्क विशेष रूप से उपयोगी हैं।
N95 मास्क
यह सबसे भरोसेमंद मास्क माना जाता है।
95% हानिकारक कणों को फिल्टर करता है।
खासकर धूल, धुआं और स्मॉग में इसका उपयोग सुरक्षित रहता है।
N99 और N100 मास्क
ये मास्क N95 से भी अधिक प्रभावी हैं।
गंभीर प्रदूषण या औद्योगिक क्षेत्र में रहने वालों के लिए बेहतर विकल्प।
सर्जिकल मास्क
ये मास्क सामान्य बैक्टीरिया और वायरल कण तो रोक सकते हैं, लेकिन PM2.5 और PM10 जैसी सूक्ष्म प्रदूषक कणों को पूरी तरह फिल्टर नहीं कर पाते।
हल्के प्रदूषण में सीमित सुरक्षा देते हैं।
कपड़े के मास्क
कपड़े के मास्क केवल बड़े धूल कणों और छींक-खांसी के रिस्क को कम करते हैं।
बढ़ते प्रदूषण में ये मास्क पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते।
मास्क पहनने की जरूरी बातें
मास्क नाक और मुँह को पूरी तरह ढकना चाहिए।
लंबे समय तक इस्तेमाल किए मास्क को नियमित रूप से बदलें या धोएं।
भीगे या गंदे मास्क पहनना हानिकारक और गैर-सुरक्षित होता है।
छोटे बच्चों के लिए विशेष डिजाइन किए मास्क का उपयोग करें।
वायु प्रदूषण से बचाव के अन्य उपाय
बाहर निकलते समय PM2.5 स्तर की जांच करें।
घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल और खिड़कियां बंद रखें।
पौधों और हरी-भरी जगहों के आसपास रहें।
नियमित रूप से पानी पीना और हल्का व्यायाम करना फायदेमंद होता है।
यह भी पढ़ें:
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check