YouTube आज सिर्फ मनोरंजन का प्लेटफॉर्म नहीं रहा, बल्कि लाखों लोगों के लिए कमाई का एक मजबूत जरिया बन चुका है। हालांकि, वीडियो से होने वाली कमाई पूरी तरह YouTube की नीतियों पर निर्भर करती है। प्लेटफॉर्म की गाइडलाइंस का पालन न करने पर यूट्यूब किसी भी वीडियो से मॉनिटाइजेशन हटा सकता है। कई बार क्रिएटर्स को यह पता भी नहीं चलता कि आखिर उनकी कमाई अचानक क्यों बंद हो गई। ऐसे में जरूरी है कि मॉनिटाइजेशन हटने के प्रमुख कारणों को समझा जाए।
पहला कारण – कॉपीराइट उल्लंघन।
अगर वीडियो में बिना अनुमति के किसी और का म्यूजिक, वीडियो क्लिप या इमेज इस्तेमाल की जाती है, तो यूट्यूब उस पर कॉपीराइट क्लेम या स्ट्राइक लगा सकता है। इससे वीडियो की कमाई तुरंत प्रभावित होती है।
दूसरा कारण – री-यूज्ड कंटेंट।
दूसरों के वीडियो को थोड़ा एडिट करके या सिर्फ वॉयस ओवर लगाकर अपलोड करना यूट्यूब की नीति के खिलाफ है। ऐसा कंटेंट ओरिजिनल नहीं माना जाता और इससे मॉनिटाइजेशन हट सकता है।
तीसरा कारण – भ्रामक या क्लिकबेट कंटेंट।
थंबनेल और टाइटल में कुछ और दिखाना और वीडियो में कुछ और पेश करना यूट्यूब को पसंद नहीं है। इससे न सिर्फ व्यूअर्स का भरोसा टूटता है, बल्कि विज्ञापन भी हटाए जा सकते हैं।
चौथा कारण – हिंसा या आपत्तिजनक सामग्री।
बहुत ज्यादा हिंसक दृश्य, नफरत फैलाने वाली भाषा या आपत्तिजनक कंटेंट पर विज्ञापन नहीं दिखाए जाते। ऐसे वीडियो को यूट्यूब “एड-अनफ्रेंडली” मानता है।
पांचवां कारण – अश्लील या अनुचित भाषा।
वीडियो में बार-बार गाली-गलौज या अश्लील शब्दों का इस्तेमाल विज्ञापनदाताओं को दूर कर देता है। इसका सीधा असर मॉनिटाइजेशन पर पड़ता है।
छठा कारण – गलत जानकारी या भ्रामक दावे।
फर्जी खबरें, बिना सबूत के दावे या स्वास्थ्य और वित्त से जुड़ी गलत सलाह भी कमाई बंद होने की वजह बन सकती है।
सातवां कारण – यूट्यूब कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन।
बार-बार नियम तोड़ने पर पूरे चैनल की मॉनिटाइजेशन क्षमता खत्म की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूट्यूब पर स्थायी कमाई के लिए सिर्फ व्यूज ही नहीं, बल्कि नियमों का पालन भी उतना ही जरूरी है। ओरिजिनल, सुरक्षित और दर्शकों के लिए उपयोगी कंटेंट ही लंबे समय तक कमाई का जरिया बन सकता है।
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