अंडा हमारी डायट का एक अहम हिस्सा माना जाता है। इसे प्रोटीन और पोषण का “सुपरफूड” कहा जाता है। लेकिन अक्सर लोग यह सोचते हैं कि अंडे का पीला हिस्सा (योक) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर यह चर्चा चलती रहती है कि पीला हिस्सा खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हृदय रोग का खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कुछ सच्चाई है, लेकिन पूरी तरह नुकसानदेह भी नहीं।
अंडे का पीला हिस्सा और पोषण
अंडे का पीला हिस्सा यानी योल्क, अंडे के पोषण का सबसे बड़ा स्रोत है। इसमें मौजूद मुख्य तत्व हैं:
विटामिन A, D, E और K – हड्डियों और आंखों के लिए फायदेमंद।
प्रोटीन और जरूरी एमिनो एसिड – मांसपेशियों के निर्माण में मददगार।
ब्रोमेलिन और लेसिथिन – दिमागी स्वास्थ्य और याददाश्त के लिए उपयोगी।
कोलेस्ट्रॉल – यह योल्क में अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो कई लोगों के लिए चिंता का विषय बनता है।
पीला हिस्सा क्यों सीमित मात्रा में खाना चाहिए
कोलेस्ट्रॉल का असर
अंडे का योल्क कोलेस्ट्रॉल का स्रोत है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, हाई कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो ज्यादा पीला हिस्सा खाने से यह समस्या बढ़ सकती है।
कैलोरी कंटेंट
पीला हिस्सा सफेद हिस्से की तुलना में अधिक कैलोरी और फैट रखता है। वजन कम करने वालों के लिए इसे सीमित करना बेहतर होता है।
संतुलित आहार का महत्व
रोजाना जरूरत से अधिक योल्क खाने से शरीर में फैट और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकते हैं। इसलिए सप्ताह में 3-4 अंडे का योल्क पर्याप्त माना जाता है।
पीला हिस्सा खाने के फायदे
हड्डियों और दांतों को मजबूत करता है – विटामिन D और कैल्शियम से।
दिमागी स्वास्थ्य में सहायक – लेसिथिन और ओमेगा-3 फैटी एसिड के कारण।
संतुलित पोषण देता है – प्रोटीन, विटामिन और मिनरल का समृद्ध स्रोत।
विशेषज्ञ की राय
न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. कहती हैं, “अंडे का योल्क स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित और लाभकारी है। हृदय रोग या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग इसे सीमित मात्रा में लें। सफेद हिस्सा लगभग कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, इसलिए इसे रोजाना शामिल किया जा सकता है।”
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