भारतीय रसोई में ड्राई फ्रूट्स का सेवन सदियों से होता रहा है। यह न केवल स्वाद और पौष्टिकता बढ़ाने के लिए पसंद किए जाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। हाल ही में भुने हुए ड्राई फ्रूट्स का चलन बढ़ा है। लोग अक्सर इसे नाश्ते में या चाय-नाश्ते के साथ खाने को तरजीह देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भुनने का तरीका और मात्रा स्वास्थ्य पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, काजू, पिस्ता, अखरोट और किशमिश में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व हृदय स्वास्थ्य, मस्तिष्क कार्य, हड्डियों की मजबूती और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। हालांकि, जब इन्हें उच्च तापमान पर भुना जाता है, तो इसके कुछ लाभ प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि ड्राई फ्रूट्स को तेज़ आंच पर भूनने से उनमें मौजूद प्राकृतिक तेल और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा कम हो सकती है। इसके अलावा, अत्यधिक गर्मी के कारण कुछ ड्राई फ्रूट्स में जहरीले या हानिकारक तत्व बन सकते हैं, जो पाचन तंत्र पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में भुनना पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
वहीं, हल्की आंच पर धीरे-धीरे भूनना या ओवन में हल्का रोस्ट करना स्वास्थ्य के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित उपाय है। इस प्रक्रिया से ड्राई फ्रूट्स का स्वाद बढ़ता है, मगर पोषक तत्वों की बड़ी मात्रा बनी रहती है। डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट अक्सर यही तरीका अपनाने की सलाह देते हैं।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि भुने हुए ड्राई फ्रूट्स का सेवन मात्रा में होना चाहिए। अत्यधिक मात्रा में भुने ड्राई फ्रूट्स खाने से कैलोरी बढ़ सकती है और वजन नियंत्रित रखने में मुश्किल आ सकती है। इसके अलावा, दिल और लिवर की समस्या वाले लोगों को तेल या नमक के साथ भुने ड्राई फ्रूट्स से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए खाना चाहते हैं तो कच्चे या हल्के भुने ड्राई फ्रूट्स सर्वोत्तम विकल्प हैं। इन्हें सलाद, दही या नाश्ते में शामिल करके खाना लाभकारी हो सकता है। वहीं, यदि स्वाद के लिए हल्का भूनना भी जरूरी हो तो ओवन या नॉन-स्टिक पैन का प्रयोग करें और उच्च तापमान से बचें।
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