चार्ज करते समय ये गलती न करें, वरना आपके बच्चे भी आ सकते हैं करंट की चपेट में

मोबाइल फोन आज हर घर की मूल आवश्यकता बन चुका है, और उसके साथ चार्जर का इस्तेमाल भी दिनभर जारी रहता है। लेकिन कई बार यह साधारण-सा उपकरण गंभीर हादसों की वजह बन जाता है। हाल ही में एक बच्चे को मोबाइल चार्जर से करंट लगने का मामला सामने आया, जिसने एक बार फिर चार्जर से जुड़े संभावित खतरों की ओर सभी का ध्यान खींचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसा किसी भी घर में हो सकता है, खासकर तब जब बेसिक सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज किया जाए।

चार्जर से हादसे बढ़ने की असली वजह

इलेक्ट्रिकल उपकरणों पर काम करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, चार्जर से करंट लगने की सबसे बड़ी वजह घटिया या नकली चार्जर, खराब वायरिंग, कटे हुए तार, और ओवरलोडेड सॉकेट होते हैं।
कई बार फोन चार्ज पर लगा छोड़कर लोग रात भर सो जाते हैं, जिससे अतिरिक्त गर्मी और शॉर्ट सर्किट की संभावना काफी बढ़ जाती है।
बच्चे स्वाभाविक रूप से उत्सुक होते हैं और चार्जर को छूने या तार खींचने की कोशिश करते हैं, जिससे हादसे और भी ज्यादा हो सकते हैं।

भीगा हाथ और नमी वाले क्षेत्र करते हैं खतरा दोगुना

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि भीगे हाथों से फोन या चार्जर को छूना अत्यंत खतरनाक है। नमी के कारण बिजली का प्रवाह तेज़ी से होता है और करंट का झटका सामान्य से कई गुना अधिक हो सकता है।
बाथरूम, किचन या पानी के आसपास चार्जर का इस्तेमाल करना बच्चों और बड़ों दोनों के लिए जोखिम भरा है।
अक्सर देखा गया है कि लोग मोबाइल फोन को सिंक, बेड या तकिये के करीब चार्ज पर लगा कर छोड़ देते हैं—जो दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बनता है।

घरेलू वायरिंग पर भी ध्यान जरूरी

घर की पुरानी वायरिंग और सॉकेट की खराब स्थिति भी कई हादसों की जड़ होती है। यदि सॉकेट ढीला, जला हुआ या स्पार्किंग करता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत इलेक्ट्रिशियन की मदद लेनी चाहिए।
इसके अलावा, एक ही मल्टी-प्लग में कई डिवाइस एक साथ जोड़ देना भी ओवरलोड की समस्या पैदा करता है, जिससे चार्जर गर्म होकर फट सकता है या करंट प्रवाह बढ़ सकता है।

कैसे बचें ऐसे हादसों से? विशेषज्ञों की सलाह

नकली या लोकल चार्जर का इस्तेमाल कभी न करें। सिर्फ BIS प्रमाणित चार्जर ही खरीदें।

कटे-फटे तारों का तुरंत उपयोग बंद करें, उन्हें बदलें।

फोन को रात भर चार्ज पर न छोड़ें।

चार्ज करते समय बच्चों को फोन और चार्जर से दूर रखें।

पानी या नमी वाली जगहों पर चार्जिंग से बचें।

चार्जर को हमेशा सही वेंटिलेशन वाली जगह रखें, तकिए या कंबल के नीचे न रखें।

सॉकेट में स्पार्किंग दिखे तो उसका उपयोग तुरंत बंद करें।

इन सरल सावधानियों से बड़े हादसों को आसानी से टाला जा सकता है।

सरकार और विशेषज्ञों की अपील: सुरक्षा को हल्के में न लें

सरकारी एजेंसियाँ और इलेक्ट्रिकल सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार अपील कर रहे हैं कि लोग चार्जर को एक खिलौने या सामान्य उपकरण की तरह न लें।
यह एक विद्युत उपकरण है, जिसके साथ थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है। परिवारों, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है।

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