सुपरफूड की श्रेणी में शामिल अखरोट अपने पौष्टिक गुणों के कारण हमेशा से ही खास माने जाते हैं। सूखे रूप में तो अखरोट शरीर को कई लाभ पहुंचाते ही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन्हें रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट खाया जाए, तो इनके गुणों का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट और न्यूट्रिशन विशेषज्ञ बताते हैं कि भीगे हुए अखरोट पाचन के लिए हल्के, पोषक तत्वों से भरपूर और ऊर्जा से युक्त होते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर सुबह-सुबह इन्हें खाने की सलाह देते हैं।
क्यों बेहतर होते हैं भीगे हुए अखरोट?
अखरोट को पानी में भिगोने से इसकी बाहरी परत नरम हो जाती है और इसके भीतर मौजूद पोषक तत्व आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भिगाने से फाइटिक एसिड की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर मिनरल्स को बेहतर तरीक़े से ग्रहण कर पाता है। यही वजह है कि भीगे हुए अखरोट को खाली पेट खाना बेहद लाभकारी माना जाता है।
हृदय के लिए बेहद फायदेमंद
अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से भीगे अखरोट का सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होने में मदद मिलती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को समर्थन मिलता है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक साबित हो सकता है।
दिमाग के लिए ऊर्जा का खजाना
अखरोट को ब्रेन फूड भी कहा जाता है। इनमें मौजूद विटामिन E, ओमेगा-3 और एंटीऑक्सिडेंट मानसिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह खाली पेट भीगे अखरोट खाने से एकाग्रता बढ़ती है, याददाश्त मजबूत होती है और दिनभर मानसिक ऊर्जा बनी रहती है। छात्रों और मानसिक श्रम करने वाले लोगों के लिए यह एक आदर्श आहार माना जाता है।
वजन नियंत्रण में सहायक
हालांकि अखरोट कैलोरी में थोड़ा अधिक होते हैं, लेकिन सही मात्रा में सेवन करने पर वजन नियंत्रण में मददगार साबित हो सकते हैं। भीगे हुए अखरोट फाइबर से भरपूर होते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, जिससे अनावश्यक खाने की आदत कम होती है। सुबह इसका सेवन मेटाबोलिज्म को सक्रिय बनाता है और ऊर्जा का स्तर दिनभर संतुलित रहता है।
डायबिटीज़ रोगियों के लिए फायदेमंद
विशेषज्ञों के अनुसार, अखरोट ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकते हैं। इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स और फाइबर रक्त में ग्लूकोज़ के अवशोषण को संतुलित करते हैं। नियमित सेवन इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधार सकता है और डायबिटीज़ के रोगियों के लिए सुरक्षित विकल्प माना जाता है, बशर्ते इसे सीमित मात्रा में लिया जाए।
आंत और पाचन तंत्र को बनाते हैं मजबूत
भीगे अखरोट आंतों के लिए भी लाभकारी होते हैं। भिगोने के बाद अखरोट में मौजूद फाइबर नरम हो जाता है, जिससे पाचन आसान होता है। सुबह इसका सेवन कब्ज, पेट फूलना और भारीपन की समस्या में राहत प्रदान कर सकता है। यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को भी बढ़ावा देता है, जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ बना रहता है।
त्वचा और बालों पर भी दिखता है असर
विटामिन E और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर अखरोट त्वचा की रंगत को निखारने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से त्वचा में चमक आती है और बालों की मजबूती बढ़ती है। इनके पोषक तत्व उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी सहायक माने जाते हैं।
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